NMDC किरंदुल परियोजना में धूमधाम से मनाया गया 79वां स्वतंत्रता दिवस

अधिशासी निदेशक रविन्द्र नारायण ने किया ध्वजारोहण, परियोजना की उपलब्धियों और सीएसआर गतिविधियों का रखा विवरण, छात्रों और कर्मियों को किया गया सम्मानित

दुर्जन सिंह
किरंदुल। देशभर में स्वतंत्रता दिवस की गूंज के बीच, लौह नगरी दंतेवाड़ा स्थित एनएमडीसी बीआईओएम किरंदुल कॉम्प्लेक्स में भी आजादी का 79वां पर्व बड़े ही उत्साह, हर्षोल्लास और गरिमामय माहौल के साथ मनाया गया। किरंदुल के फुटबॉल मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में परियोजना के अधिशासी निदेशक श्री रविन्द्र नारायण ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी।

इस अवसर पर कार्यक्रम स्थल देशभक्ति के रंगों में सराबोर रहा। ध्वजारोहण के बाद छात्र-छात्राओं द्वारा राष्ट्रगान की सामूहिक प्रस्तुति ने वातावरण को देशभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। वहीं, स्कूल के बच्चों ने मनमोहक देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में अधिशासी निदेशक रविन्द्र नारायण ने सबसे पहले सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि एनएमडीसी केवल लौह अयस्क उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक प्रगति का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है। कंपनी लगातार उत्पादन और प्रेषण के नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है और इस सफलता का श्रेय सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मेहनत और समर्पण को जाता है।उन्होंने आगे कहा कि किरंदुल परियोजना न केवल औद्योगिक उपलब्धियों में अग्रणी है, बल्कि सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) के तहत भी शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में समाज के प्रति महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूली छात्र-छात्राओं को भी पुरस्कार प्रदान किए गए। इससे उपस्थित बच्चों और कर्मचारियों में अपार उत्साह देखने को मिला।
समारोह में विशेष रूप से खनन महाप्रबंधक एस.के. कोचर, मानव संसाधन उपमहाप्रबंधक के.एल. नागवेणी, विद्युत महाप्रबंधक एस. सुब्रमण्यम, श्रमिक संगठन से ए.के. सिंह और राजेश संधु सहित बड़ी संख्या में परियोजना के अधिकारी, कर्मचारी, सीआईएसएफ के जवान, स्कूली छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।देशभक्ति के नारों और झंडे की शान के बीच संपन्न हुआ यह समारोह सभी के लिए अविस्मरणीय रहा।