छत्तीसगढ़

Sardar Vallabhbhai Patel की 150वीं जयंती पर पदयात्रा का हुआ आयोजन

देश के महान विभूतियों के आदर्शों और सिद्धांतों का अनुकरण करना हर भारतीय का परम कर्तव्य-सांसद

दुर्जन सिंह

बचेली/दंतेवाड़ा। भारत के लौह पुरुष और महान राष्ट्र निर्माता सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आज ऑडिटोरियम जावंगा गीदम में समापन कार्यक्रम का आयोजन सम्पन्न हुआ। ज्ञात हो कि यह पदयात्रा 06 नवंबर को संध्या मेढका डोबरा से प्रारंभ हुई थी जिसके तहत पद यात्रा में शामिल हुए जनप्रतिधिगण द्वारा कारली में रात्रि विश्राम किया गया था। इसके पश्चात सुबह पदयात्रियों द्वारा ऑडिटोरियम हॉल जावंगा पहुंचकर समापन कार्यक्रम में शामिल हुए।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि आज हम भारत के लौह पुरूष और महान राष्ट्रीय निर्माता सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जन्म जयंती के ऐतिहासिक दिवस पर कृतज्ञतापूर्वक उनके असीम योगदान का स्मरण कर रहे है, हमारा देश राम, कृष्ण, बुद्ध,महावीर जैसे महान विभूतियों का देश रहा है। इसी देव भूमि में सरदार पटेल जैसे महान लौह पुरुष का जन्म हुआ। जिन्होंने 562 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर इस विशाल देश को एकता के सूत्र में बाँधा। आज हमें उसी भाव को पुनः जागृत करना है भारत की अखंडता और आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाना है। हम सबको ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जीवन में उतारना है। सरदार पटेल केवल एक स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि राष्ट्र के वास्तविक शिल्पकार थे, जिन्होंने भारत की राजनीतिक एकता की नींव रखी। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर हम अपने देश को स्वदेशी, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के रूप में विकसित कर सकते हैं। उनके जन्म दिवस मनाने का उद्देश्य भावी पीढ़ी को उनके अभूतपूर्व योगदान और त्याग से परिचित कराना है। उन्होंने आग्रह किया कि हम न केवल उनके जन्म दिवस मनाये साथ ही साथ उनके चरित्र और आदर्शों के मार्ग पर चलने का संकल्प भी लें। उन्होंने ने आगे कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने जिस भारत का स्वप्न देखा था, वह अखंड और सशक्त भारत का था। सांसद श्री कश्यप ने युवाओं से आव्हान किया कि आज के युवा भारत के भविष्य के निर्माता हैं। उन्हें सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर देश की एकता, सुरक्षा और विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करना चाहिए। ’’जननी जन्मभूमि’’ स्वर्गादपि गरीयसी’’ का भाव हर भारतीय में होना चाहिए।

विधायक श्री चैतराम अटामी ने भी इस अवसर पर कहा कि आज हम भारत के संपूर्ण नक्शे का अवलोकन करते है तो हमे याद रहना चाहिए कि भारत को दुनिया के नक्शे दर्शाने का संपूर्ण श्रेय लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को जाता है। इस महान शख्सियत ने अभावों में अपनी पढ़ाई पूरी करके लंदन, बैरिस्टर की डिग्री प्राप्त की और महात्मा गांधी के आह्वान पर स्वतंत्रता संग्राम में वकालत छोड़कर कूद पड़े और देश को न केवल आजादी दिलाया बल्कि आजादी के बाद देष के एकीकरण जैसे सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्य को अपने इच्छा शक्ति और लौह निर्णयों के बलबूते पूरा किया जिसके लिए देश सदैव उनका ऋणी रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने दैनिक जीवन में अधिकतम भारतीय उत्पादों का उपयोग करने, देसी विकल्प अपनाने, घर, काम और समाज में भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने, युवाओं और बच्चों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित करने, के लिए भी उपस्थित छात्र, छात्राओं से अपील किया। समापन कार्यक्रम के अंत में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग संबंधी संकल्प पत्र उपस्थित जनों को दिया गया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविंद कुंजाम, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री रजनीश सुराना, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री वेंकट, श्री संतोष गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, तथा अधिकारी-कर्मचारी,स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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