छत्तीसगढ़

PM आवास योजना- नक्सल प्रभावित इलाकों में ‘नियद नेल्लानार योजना’ का कमाल

दूरस्थ अंदरूनी गांव मेहता में सुन्नम बद्री का पक्का मकान तैयार

कृष्णा नायक

सुकमा Sukma।– छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला, जो अक्सर घने जंगलों, सीमित संसाधनों और नक्सल चुनौतियों के लिए जाना जाता है, आज एक सकारात्मक परिवर्तन की कहानी बयां कर रहा है। यह कहानी है कोंटा विकासखंड के दूरस्थ पहुँचविहीन ग्राम पंचायत मेहता की निवासी श्रीमती सुन्नम बद्री की, जिन्होंने सरकारी योजनाओं के सहारे अपने कच्चे झोपड़ीनुमा घर को पक्के मकान में बदल दिया है।

श्रीमती बद्री का जीवन संघर्षों से भरा था। वह अपने परिवार के साथ एक अस्थायी मिट्टी की झोपड़ी में रहती थीं। बरसात में टपकती छत और गर्मी में दरकती दीवारें उनके परिवार, खासकर छोटे बच्चों के लिए किसी कठिन परीक्षा से कम नहीं थीं। मेहता जैसे दूरस्थ गाँव में, जहाँ परिवहन की सुविधाएँ न के बराबर हैं, निर्माण सामग्री लाना भी एक बड़ी चुनौती थी।

ऐसे बदला जीवन
वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के अंतर्गत “नियद नेल्लानार योजना” (स्थानीय गोंडी भाषा में ‘नियद नेल्लानार’ का अर्थ ‘आपका अच्छा घर’ होता है) ने उनके जीवन में उम्मीद की किरण जगाई। उन्हें पक्के घर के लिए स्वीकृति मिली। प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण समुदाय के सामूहिक सहयोग से श्रीमती बद्री का संकल्प रंग लाया। तमाम भौगोलिक कठिनाइयों के बावजूद, उन्होंने अपना घर बनाने का सपना पूरा किया।

जब मिला ‘गृह-प्रवेश’
1 नवम्बर 2025 का दिन श्रीमती बद्री के लिए अविस्मरणीय बन गया। जब स्थानीय प्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में उन्होंने अपने नए पक्के घर की चौखट पर पहला कदम रखा, तो उनकी आँखों में आँसू थे। लेकिन इस बार ये आँसू लाचारी या संघर्ष के नहीं, बल्कि संतोष और गर्व के थे।

‘नियद नेल्लानार’ बन रही मील का पत्थर
यह योजना केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुकमा जैसे जिलों में सामाजिक सशक्तिकरण और जीवन स्तर में सुधार का एक बड़ा प्रतीक बन रही है। यह योजना संदेश दे रही है कि विकास की किरण अब जंगलों के बीच बसे सबसे दूरस्थ कोनों तक भी पहुँच रही है।

सच्चा संकल्प और सरकारी सहयोग
सुकमा कलेक्टर, देवेश कुमार ध्रुव ने इस उपलब्धि पर कहा, “नियद नेल्लानार योजना के तहत पीएमएवाई-जी का क्रियान्वयन सुकमा में स्थित दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जीवनदायिनी सिद्ध हो रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों में लगातार पात्र हितग्राहियों को पीएम आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं।

असंभव भी संभव हुआ
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुन्द ठाकुर ने कहा कि मेहता जैसे दूरस्थ अंदरूनी क्षेत्रों में आवास योजना का सफल क्रियान्वयन केवल भौतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है। श्रीमती बद्री का घर यह प्रमाण है कि जब प्रशासन, पंचायत और जनता मिलकर कार्य करते हैं, तब असंभव भी संभव हो जाता है।

श्रीमती बद्री का यह घर अब सिर्फ ईंट-पत्थरों का ढाँचा नहीं, बल्कि उनके सपनों, संघर्ष और उम्मीदों की मजबूत नींव पर खड़ा एक स्मारक है।

Related Articles

Back to top button