बचेली में महाशिवरात्रि की होगी धूम, रेल्वे काॅलोनी लिंगेश्वर धाम में महाआयोजन की तैयारियाॅ, हजारों भक्तों के पहुंचने की संभावना

समुद्र तल से 450 मीटर ऊँचाई पर स्थित शिवलिंगाकार मंदिर बना आस्था का केंद्र, अभिषेक, हवन, रात्रि जागरण व महाप्रसाद की विशेष व्यवस्था
दुर्जन सिंह
बचेली। बैलाडिला की पर्वत श्रृंखला पर समुद्र सतह से लगभग 450 मीटर ऊँचाई पर स्थित रेलवे कॉलोनी का प्रसिद्ध श्री मनोनमणी अम्बिका लिंगेश्वर साईंनाथ मंदिर (लिंगेश्वर धाम) इस वर्ष महाशिवरात्रि पर भक्ति के रंग में रंगने जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाई जाएगी, जिसके लिए मंदिर समिति द्वारा भव्य तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।
अपनी अनोखी शिवलिंगाकार वास्तु संरचना के कारण प्रसिद्ध यह मंदिर क्षेत्र ही नहीं बल्कि दूर-दराज के श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र है। समिति के अनुसार शिवलिंग की आकृति वाला यह मंदिर पूरे देश में कुछ ही जगह पर है। चार दशक से अधिक पुराने इस मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
कार्यक्रम की रूपरेखा
13 फरवरी को गणपति पूजन, अभिषेक, हवन व पूजा, प्रातः आरंभ एवं प्रसाद वितरण किया गया। वही अगलेे दिन 14 फरवरी दृ श्री मनोनमिणी अम्बिका अम्मवारी सामूहिक कुमकुम पूजा, सायं तीर्थ प्रसाद वितरण एवं 15 फरवरी (महाशिवरात्रि) प्रातः 4 बजे से दर्शन-अभिषेक, रात्रि 12 बजे महानिशीथ काल पूजा होगी। वही 18 फरवरी महाभंडारा (दोपहर 12 बजे से होगा। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर 9 व 10 मार्च को गणपति पूजन, अभिषेक एवं देवी कुमकुम अर्चना भी आयोजित की गई।
इतिहास भी है खास-
मंदिर की आधारशिला वर्ष 1972 में तत्कालीन रेलवे कर्मचारी श्री राव द्वारा रखी गई थी। दक्षिण भारतीय शैली में निर्मित इस मंदिर की संरचना श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करती है। मंदिर की वास्तुकला पर दक्षिण भारतीय शैली स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।
अन्य स्थानों पर भी आयोजन
इसके अलावा पुराना मार्केट बचेली, वन विभाग काॅलोनी, आरईएस काॅलोनी, सुभाषनगर, हाईटेक काॅलोनी, मेन रोड़ सेंट्ल वर्कशाॅप के पास स्थित शिवालय, किंरदुल के गांधी नगर नंदी पहाड़, रामाबुटी और कैलाश नगर सहित पूरे क्षेत्र में महाशिवरात्रि पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा।
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में पहुंचकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने तथा अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। पूरे क्षेत्र में भक्ति, सेवा और श्रद्धा का वातावरण बनने की उम्मीद है।




