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मिडिल ईस्ट तनाव के बीच पेट्रोल डीजल के दाम स्थिर, आम जनता को मिली राहत या अस्थायी ठहराव… चेक करें अपने शहर का हाल


नई दिल्ली:
10 मई 2026 को मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। तेल विपणन कंपनियां जैसे Indian Oil Corporation Limited, Bharat Petroleum Corporation Limited और Hindustan Petroleum Corporation Limited हर दिन सुबह 6 बजे अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और मुद्रा विनिमय दरों के आधार पर रेट तय करती हैं। फिलहाल बाजार में स्थिरता दिख रही है, लेकिन वैश्विक हालात इसे कभी भी बदल सकते हैं।

राजधानी से लेकर महानगरों तक पेट्रोल की ताजा कीमतें
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल के दाम इस प्रकार बने हुए हैं
नई दिल्ली में 94.72 रुपये प्रति लीटर
मुंबई में 104.21 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता में 103.94 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई में 100.75 रुपये प्रति लीटर
अहमदाबाद में 94.49 रुपये प्रति लीटर
बेंगलुरु में 102.92 रुपये प्रति लीटर
हैदराबाद में 107.46 रुपये प्रति लीटर
जयपुर में 104.72 रुपये प्रति लीटर
लखनऊ में 94.69 रुपये प्रति लीटर
पटना में 105.58 रुपये प्रति लीटर
इंदौर में 106.48 रुपये प्रति लीटर

स्पष्ट है कि दक्षिण और पूर्वी भारत के कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

डीजल की कीमतों में भी स्थिरता, लेकिन कुछ शहरों में दबाव कायम
डीजल रेट्स में भी किसी तरह का बदलाव नहीं देखा गया
नई दिल्ली में 87.62 रुपये प्रति लीटर
मुंबई में 92.15 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता में 90.76 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई में 92.34 रुपये प्रति लीटर
बेंगलुरु में 89.02 रुपये प्रति लीटर
हैदराबाद में 95.70 रुपये प्रति लीटर
पटना में 93.80 रुपये प्रति लीटर
इंदौर में 91.88 रुपये प्रति लीटर
चंडीगढ़ में सबसे कम 82.45 रुपये प्रति लीटर

यह आंकड़े बताते हैं कि डीजल की कीमतों में क्षेत्रीय अंतर अभी भी काफी अधिक है।

एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता
जहां पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हैं, वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 1 मई से लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और औद्योगिक उपयोगकर्ताओं की लागत बढ़ गई है, जबकि आम उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली हुई है।

कच्चे तेल में अस्थिरता से क्यों बढ़ी चिंता
मिडिल ईस्ट में ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच तनाव ने वैश्विक कच्चे तेल बाजार को अस्थिर कर दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले तेल परिवहन में बाधा की आशंका भी बनी हुई है, जो दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल सप्लाई का अहम रास्ता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में लगातार उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है।

फ्यूल की कीमतें कैसे तय होती हैं, पूरी प्रक्रिया क्या है
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोजाना आधार पर तय होती हैं। यह प्रक्रिया वैश्विक कच्चे तेल की कीमत, डॉलर रुपये की विनिमय दर, टैक्स और ट्रांसपोर्ट लागत जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है। तेल कंपनियां इन सभी संकेतकों के आधार पर हर दिन रेट अपडेट करती हैं, जिसे खुदरा विक्रेताओं को लागू करना होता है।

अपने शहर में पेट्रोल डीजल का रेट कैसे जानें
अगर आप अपने शहर का ताजा रेट जानना चाहते हैं, तो मोबाइल से एसएमएस या तेल कंपनियों की आधिकारिक जानकारी के जरिए आसानी से अपडेट ले सकते हैं। हर दिन सुबह जारी होने वाली कीमतें उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जाती हैं।

आगे क्या होगा, क्या बढ़ सकते हैं दाम या बने रहेंगे स्थिर
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर निर्भर करेंगी। अगर मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ता है तो कीमतों में तेजी आ सकती है, जबकि स्थिति सामान्य होने पर स्थिरता बनी रह सकती है।

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