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MP में भर्ती परीक्षा नियमों का नया सिस्टम! साल में 3 बार होंगे एग्जाम, ‘स्कोर कार्ड’ से मिलेगी नौकरी

MP Government Job New Rule: मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह बदलने वाली है. इसके लिए राज्य सरकार ने नए नियमों का ड्राफ्ट जारी कर दिया है. राज्य लोक सेवा आयोग जिन परीक्षाओं का आयोजन कराता है, उन्हें छोड़कर बाकी सभी भर्ती प्रक्रिया कर्मचारी चयन मंडल द्वारा किया जाएगा. विभाग अपनी ओर से एग्जाम नहीं करा सकेंगे.
नए भर्ती नियम कब से लागू होंगे?
- मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश किए गए नियमों को 1 अक्टूबर 2026 से लागू किया जाएगा.
- नए नियम साल 2013 में लागू हुए नियमों का स्थान लेंगे.
- राज्य सरकार ने ड्राफ्ट जारी कर आम लोगों, शिक्षाविदों और संबंधित क्षेत्र के लोगों से इस बारे में सुझाव मांगे गए हैं.
क्या-क्या बदलाव किया गया है?
- जहां पहले अभ्यर्थी विभागों की भर्तियों में सम्मिलित हो जाते थे. अब नए नियमों के मुताबिक अभ्यर्थियों को पहले पात्रता परीक्षा देनी होगी.
- इस परीक्षा के आधार पर स्कोर कार्ड तैयार होगा.
- कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) साल में तीन बार पात्रता परीक्षा आयोजित करेगा.
- सरकार द्वारा तय न्यूनतम अंक लाने वाले अभ्यर्थियों को स्कोर कार्ड दिया जाएगा.
- स्कोर कार्ड सरकारी नौकरियों में अप्लाई करने के काम आएगा.
- पात्रता परीक्षा के बाद जारी स्कोर कार्ड 2 सालों के लिए मान्य होगा.
कौन-कौन सी पात्रता परीक्षा आयोजित होगी?
- MPESB हर साल तीन तरह की पात्रता परीक्षा आयोजित करेगा.
- संयुक्त तकनीकी पात्रता परीक्षा: इसके अंतर्गत तकनीकी क्षेत्र जैसे – इंजीनियरिंग, कृषि, पैरामेडिकल जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है.
- संयुक्त सामान्य पात्रता परीक्षा: स्नातक या ग्रेजुएट स्तर के गैर तकनीकी क्षेत्र के लिए.
- शिक्षक पात्रता परीक्षा: स्कूली शिक्षकों के लिए आयोजित होगी.
पात्रता परीक्षा का पैटर्न क्या होगा?
- सामान्य और तकनीकी पात्रता परीक्षा की बात करें तो दोनों परीक्षाओं में 100-100 प्रश्न पूछे जाएंगे.
- प्रश्न पत्र में जनरल नॉलेज, करंट अफेयर्स, मैथ्स एवं तार्किक योग्यता, कम्प्यूटर, विश्लेषण और मध्य प्रदेश सामान्य ज्ञान से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे.
- तकनीकी पात्रता परीक्षा में 25 प्रश्न सामान्य ज्ञान और 75 प्रश्न संबंधित विषय से होंगे.



