छत्तीसगढ़

भ्रष्टाचार और लापरवाह की भेंट चढ़ी करोड़ों की सड़क

एक ही बारिश में ही उजागर हुई सड़क की सच्चाई, जर्जर हुई सड़कें, घटिया निर्माण की खुली पोल

बचेली की मुख्य सड़कें के गड्ढों ने बढ़ाया हादसों का खतरा, नागरिकों ने जताई नाराज़गी

दुर्जन सिंह

बचेली। नगर की सड़कों की हालत एक ही बरसात में बद से बदतर हो गई है। हाल ही में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा करोड़ों की लागत से बनाई गई नई सड़कें अब गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। यह बदइंतज़ामी न केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि आमजन की जान पर भी खतरा बन गई है।

नंदराज पेट्रोल पंप, सिम्प्लेक्स नाले से लेकर ग्रेस पेट्रोल पंप और बीटीओए कार्यालय तक की सड़कें जगह-जगह उखड़ चुकी हैं। जल्दबाजी और लापरवाह निर्माण की वजह से डामर की परत पहली ही बारिश में बह गई। महज 500 मीटर की दूरी में पांच से अधिक गहरे गड्ढे हादसों को दावत दे रहे हैं।

एनएमडीसी मुख्य द्वार पर सबसे खतरनाक हालात

मुख्य मार्ग पर एनएमडीसी मुख्य द्वार के पास बने गड्ढों की गहराई लगभग एक-एक फीट और चौड़ाई चार मीटर तक पहुंच चुकी है। स्थिति इतनी भयावह है कि दोपहिया वाहन चालकों के लिए संतुलन बनाना मुश्किल हो गया है। स्टार पेट्रोल पंप के सामने और हनुमान मंदिर चौक पर भी सड़क की हालत बेहद खतरनाक है।

स्कूली बच्चों और राहगीरों पर मंडरा रहा खतरा

इस क्षेत्र से रोज़ाना सैकड़ों स्कूली छात्र-छात्राएं और आम लोग गुजरते हैं। गड्ढों के कारण उनके लिए हर कदम पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बारिश के मौसम में पानी भर जाने से गड्ढे और भी खतरनाक हो जाते हैं।

नागरिकों का आक्रोश, प्रशासन से कार्रवाई की मांग

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुछ ही महीने पहले बनी सड़क का यह हाल विभागीय लापरवाही और निम्नस्तरीय कार्यशैली का नतीजा है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल मरम्मत कराने और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की है।

लोक निर्माण विभाग के अधिकारी न तो मौके पर आते हैं और न ही फोन उठाते हैं। जब किसी तरह संपर्क हुआ तो विभाग के मुख्य कार्यपालन अभियंता एस एल ठाकुर ने कहा – “बारिश के बाद सड़क की मरम्मत कर देंगे।”

लोगों का आरोप है कि यह रवैया केवल टालमटोल है। सड़कें इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि हर दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, लेकिन विभाग इसे गंभीरता से लेने के बजाय बारिश थमने का इंतज़ार कर रहा है।

नागरिकों का सवाल

स्थानीय लोगों ने कटाक्ष करते हुए कहा कि “क्या हादसे भी बारिश के बाद ही रुकेंगे? अगर सड़क अभी खतरनाक है तो समाधान भी तत्काल होना चाहिए।” लोगों का गुस्सा साफ है कि विभाग की लापरवाही से आमजन की जान रोज़ जोखिम में पड़ रही है।

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