छत्तीसगढ़

सेवानिवृत्ति के 6 साल बाद भी बच्चों का भविष्य बना रहे जीवन लाल चौधरी

6 साल से पूर्व माध्यमिक शाला खम्हारडीह में निःशुल्क शिक्षा दे रहे

मो. याहिया नियाज़ी

खैरागढ़. आज के दौर में केसीजी जिले के खैरागढ़ ब्लॉक में हमारे बीच एक ऐसे महान शिक्षक भी हैं, जिन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद भी ज्ञान का दीपक जलाये रखा है. हम बात कर रहें है जीवन लाल चौधरी की जो सेवानिवृत्ति के बाद भी बीते 6 साल से पूर्व माध्यमिक शाला खम्हारडीह में बच्चों को प्रतिदिन निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहें है और वो ये खूबसूरत मिसाल कायम कर खैरागढ़ ब्लॉक ही नहीं बल्कि पूरे केसीजी जिले के अनमोल रत्न बन गये है.

नई पीढ़ी के लिये एक मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत भी हैं जीवन लाल चौधरी

पाठकों को बता दें कि जीवन लाल चौधरी न केवल निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने वाले एक सेवानिवृत शिक्षक हैं बल्कि आज के समय में नई पीढ़ी के लिये एक मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत भी हैं जिन्होंने अब तक हजारों छात्रों को सही रास्ते पर चलने और जीवन में सफल होने के लिये हमेशा प्रेरित भी किया है और वो शासकीय सेवा से निवृत होने के बाद भी बच्चों के बेहतर भविष्य को लेकर हमेशा चिंतित रहते है और वो बच्चों को सिर्फ़ किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि जीवन के सही मूल्यों और ईमानदारी का महत्व भी बखूबी सीखा रहें है. खास बात ये है कि जीवन लाल चौधरी जैसे नेक सोच के धनी महान शिक्षक बहुत विरले ही होते है और इसके लिये उनकी जितनी तारीफ़ की जाएं वो कम पड़ेगी. सेवानिवृत शिक्षक जीवन लाल चौधरी आज के दौर में भी अपने ज्ञान और अपार अनुभवों को नई पीढ़ी के साथ साझा कर रहे हैं जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आये और उनके सिर्फ बच्चों के बेहतर भविष्य के खातिर दिये जा रहें इस अमूल्य योगदान को सिर्फ लफ़्ज़ों में बयां करना बहुत मुश्किल है.

14 फरवरी 1984 को शिक्षा विभाग में नियुक्ति हुई, तकरीबन 35 साल शिक्षक रहें

पाठकों को बता दें कि ग्राम खम्हारडीह निवासी बेहद सरल सहज स्वभाव के धनी जीवन लाल चौधरी की शिक्षा विभाग में 14 फरवरी 1984 को नियुक्ति हुई थी और वो तकरीबन 35 वर्ष तक शिक्षकीय जीवन में लीन रहें और इस बीच उन्होंने हजारों बच्चों को बेहतर शिक्षा देकर उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में अपना अमूल्य सहयोग प्रदान किया.

28 फरवरी 2019 को खम्हारडीह पूर्व माध्यमिक शाला के प्रभारी प्रधान पाठक पद से सेवानिवृत हुये

गौरतलब है कि जीवन लाल चौधरी अपने शिक्षकीय जीवन में विभिन्न स्कूलों में अपनी सेवाएं प्रदान करते रहें और अपने गृह ग्राम खम्हारडीह में 28 अगस्त 2015 को उन्हें शिक्षा विभाग द्वारा पूर्व माध्यमिक शाला का प्रभारी प्रधान पाठक नियुक्त किया गया जिसके बाद तकरीबन साढ़े 3 साल तक उन्होंने खम्हारडीह में पूर्व माध्यमिक शाला में अध्ययनरत बच्चों को अपने सेवाकाल में अध्यापन कराया ओर फिर 28 फरवरी 2019 को को वो शिक्षक की सरकारी नौकरी से सेवानिवृत हुये.

बीते 6 साल से प्रतिदिन सुबह 10 से दोपहर 1.30 बजे तक बच्चों को निःशुल्क पढ़ा रहें

पाठकों को बता दें कि बच्चों के बेहद प्रिय शिक्षक जीवन लाल चौधरी ग्राम खम्हारडीह पूर्व माध्यमिक शाला से सेवानिवृत होने के 6 साल बाद भी प्रतिदिन पहले की दिनचर्या की तरह ही सुबह जल्दी उठकर अपने दैनिक क्रियाकलापों से निवृत होने के बाद अखबार पढ़ते है और फिर स्कूल चले जाते है और सुबह 10 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक पूर्व माध्यमिक शाला खम्हारडीह में अध्ययनरत कक्षा 6वीं से लेकर कक्षा 8वीं तक के बच्चों को निःशुल्क पढ़ा रहें है. खास बात ये है कि जीवन लाल चौधरी प्रतिदिन तीनों ही कक्षाओं के बच्चों को हिंदी और सामाजिक विज्ञान विषय में पढ़ाते है और यहां तक कि वो दोपहर के भोजन के लिये भी अक्सर घर नहीं जाते है और स्कूल में ही रहकर बच्चों की पढ़ाई पूरी करने में मदद कर सिर्फ़ खैरागढ़ और केसीजी जिले ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में मिसाल कायम कर रहें है और वो बच्चों के भविष्य के खातिर बहुत ही अमूल्य योगदान दे रहें है.

बच्चों के बेहतर मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत है, समाज में एक अमिट छाप छोड़ रहें

खास बात ये है कि सेवानिवृत शिक्षक जीवन लाल चौधरी न ही केवल छात्रों को पढ़ा रहें है बल्कि उन्हें जीवन के महत्वपूर्ण सबक भी सीखा रहें है और वो अपने श्रेष्ठ कार्यों से बच्चों के लिये अमूल्य ज्ञान और प्रेरणा का स्रोत बन चुके है वही उनके बेहतर ज्ञान, अपार अनुभव और ईमानदारी नई पीढ़ी को भी बहुत प्रभावित कर रही है. श्री चौधरी ने शिक्षा जगत में अपनी ईमानदारी और निष्ठा की वजह से स्कूल ही नहीं बल्कि सर्व समाज में एक अमिट छाप छोड़ी है जो हमेशा बनी रहेगी.

धार्मिक प्रवृत्ति और बेहतर संस्कार अपने पिता से सीखा, वैसे ही दोनों पुत्र को बनाया

खास बात ये है कि सेवानिवृत शिक्षक जीवन लाल चौधरी खुद बहुत ही धार्मिक प्रवृत्ति के है और उन्होंने ये बेहतर संस्कार अपने स्वर्गीय पिता अकतू लाल चौधरी से सीखा और उसी तरह अपने दोनों पुत्रों को भी अच्छा पढ़ाया लिखाया और संस्कार दिया. श्री चौधरी रामायणिक हैं और राधास्वामी सतसंगी एवं अच्छे प्रवचक भी हैं वहीं समाज में भी सक्रिय रूप से उनकी बड़ी भागीदारी रहती है वही उनके बेहतर संस्कार की वजह से दोनों पुत्र छत्रपाल चौधरी और प्रमोद चौधरी भी अपने कार्यक्षेत्र में बहुत नाम कमा रहें है. गौरतलब है कि जीवन लाल चौधरी के बड़े पुत्र उनके ही गांव खम्हारडीह के अभी वर्तमान में दूसरी बार के सरपंच है वही उनका छोटा पुत्र प्रमोद चौधरी जनपद पंचायत खैरागढ़ में ऑपरेटर के पद पर नियुक्त है.

बिना बच्चों को पढ़ाएं उन्हें अच्छा नहीं लगता, बच्चों के बेहतर भविष्य की हमेशा फिक्र करते है

हमें खम्हारडीह पूर्व माध्यमिक शाला के प्रभारी प्रधान पाठक भीखम मंडावी, वरिष्ठ शिक्षक सुधांशु झा और शिक्षक गणेश प्रसाद जंघेल ने बताया कि सेवानिवृत शिक्षक जीवन लाल चौधरी सिर्फ बच्चों के चहेते गुरुजी ही नहीं है बल्कि वो हमारे भी मार्गदर्शक और प्रेरणास्त्रोत है और वो सरल सहज स्वभाव के धनी तो हैं ही साथ ही हमेशा बहुत सादगी से रहते है. उन्होंने बताया कि जीवन लाल चौधरी सर को शासकीय सेवा से निवृत हुये तकरीबन साढ़े 6 वर्ष हो रहें है पर फिर भी बिना बच्चों को पढ़ाएं उन्हें अच्छा नहीं लगता और बच्चों के बेहतर भविष्य की उन्हें हमेशा फिक्र रहती है और हमारा सौभाग्य है कि ऐसे महान शिक्षक का बच्चों के साथ ही हम लोगों को भी निरन्तर मार्गदर्शन मिल रहा.

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