दीप्ति, शेफाली, क्रांति के घरों में जीत की दिवाली

हरमन के कोच ने कहा- मेहनत सफल
भारत की विमेंस वनडे वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल है। कप्तान हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा, शेफाली वर्मा और क्रांति के घरों में मानो दिवाली आ गई हो। ढोल-नगाड़ों की थाप पर लोग झूम उठे और जीत का जश्न पटाखों और मिठाइयों से मनाया गया।

मोगा: ढोल की थाप पर हरमन के शहर ने मनाई जीत
जैसे ही भारत ने आखिरी विकेट लिया, हरमनप्रीत कौर के शहर मोगा की गलियां ढोल-नगाड़ों से गूंज उठीं। लोग घरों से बाहर निकल आए, किसी ने पटाखे जलाए तो किसी ने मिठाई बांटी। उनके कोच कमलदीश सिंह सोढ़ी ने कहा, सारी जिंदगी की मेहनत सफल हो गई। मैंने जब पहली बार हरमन को खेलते देखा था, तभी समझ गया था कि ये लड़की एक दिन देश का नाम रोशन करेगी।
मैच के आखिरी ओवर में जैसे ही दीप्ति शर्मा ने साउथ अफ्रीका का अंतिम विकेट गिराया, लखनऊ में आतिशबाजी शुरू हो गई। आगरा में उनके घर में टीवी के सामने परिवार और मोहल्ले के लोग टकटकी लगाए बैठे थे। जीत के साथ ही दीप्ति की मां भावुक हो उठीं। उन्होंने कहा, भारत की बेटियों ने मेरा सम्मान रखा, मेरी तपस्या सफल हुई। वहीं, उनके शहर में इंडिया-इंडिया के नारे और पटाखों की गूंज देर रात तक सुनाई देती रही।
शेफाली वर्मा के घर रोहतक में पूरा परिवार मैच देख रहा था। शुरुआत में जब शेफाली टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं थीं, माहौल शांत था, लेकिन टीम की जीत ने सबका मूड बदल दिया। दादा संतलाल बोले, शुरुआत में मायूसी थी, लेकिन अब सिर्फ खुशी है। शेफाली का जोश पूरी टीम में झलक रहा था।
छतरपुर: मध्य प्रदेश की बेटी क्रांति के गांव में नाच-गाना
मध्य प्रदेश के घुवारा गांव में जैसे ही जीत की खबर आई, ढोल-नगाड़े बज उठे। क्रांति गौड़ के घर के बाहर बच्चे नाचते दिखे और बड़ों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। गांववालों ने कहा, टीम इंडिया ने हमें गर्व महसूस करवाया और क्रांति हमारी प्रेरणा है।
शिमला: रेणुका के गांव में नाटी डांस और खुशियों की बरसात
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के पारसा गांव में लोगों ने मैच खत्म होते ही नाटी डांस किया और पटाखे फोड़े। रेणुका ठाकुर की मां सुनीता भावुक होकर बोलीं, बेटी ने पिता का सपना पूरा किया।
वो कैच जिसने मैच का रुख बदला, पकड़ने वाली थी अमनजोत कौर। मोहाली में उनका परिवार अब राजमा-चावल बनाकर बेटी का स्वागत करेगा। मां ने कहा, मिठाई उसे पसंद नहीं, इसलिए उसके पसंदीदा खाने और फूलों की मालाएं पहनाकर चैंपियन बेटी का स्वागत करेंगे।




