कलेक्टर की अध्यक्षता में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपन्न

0 मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन को देवें सर्वोच्च प्राथमिकता – कलेक्टर श्री ध्रुव

दुर्जन सिंह
बचेली/दंतेवाड़ा। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव की अध्यक्षता में आज संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिले के समस्त विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति, विभिन्न विभागों में लंबित प्रकरणों की स्थिति तथा माननीय मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव ने मुख्यमंत्री घोषणाओं से संबंधित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाएं आम जनता की अपेक्षाओं से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी होती हैं, अतः इनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने जनहित से जुड़े मामलों में त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने तथा सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने मानव अधिकार आयोग से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शीघ्र एवं तथ्यात्मक प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही माननीय उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों की अद्यतन स्थिति की हस्ताक्षरित जानकारी समय-सीमा में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि न्यायालयीन कार्यों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो। बैठक में जिले में संचालित मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की भी जानकारी ली गई। साथ ही आम नागरिकों से जुड़े सामाजिक विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान आवारा मवेशियों एवं आवारा कुत्तों की समस्या तथा मुक्तिधाम से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने और व्यवस्थाएं और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त कोटपा अधिनियम के अंतर्गत जिले में की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री ध्रुव ने सार्वजनिक स्थलों पर तंबाकू नियंत्रण कानून का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने, नियमित निरीक्षण करने तथा प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर द्वारा पुनर्वास केन्द्रों की व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने पुनर्वास केन्द्रों का साप्ताहिक निरीक्षण सुनिश्चित करने, वेलकम किट एवं टूल किट की समुचित उपलब्धता, भोजन व्यवस्था की गुणवत्ता, पात्र हितग्राहियों को छात्रवृत्ति का समय पर भुगतान, परिवार के सदस्यों से मुलाकात की व्यवस्था, मानक संचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) को अद्यतन करने तथा शैक्षणिक भ्रमण एवं खेल-कूद गतिविधियों के नियमित आयोजन के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने नक्सल पीड़ित एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए विभागवार योजनाओं के सैचुरेशन की समीक्षा की। साथ ही नियद नेल्लानार योजना अंतर्गत संचालित योजना एवं निर्माण कार्यों, मॉडल स्कूल, मॉडल आंगनबाड़ी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त आवेदनों एवं मांगों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही वेटलैंड भूमि के सीमांकन उपरांत जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन कर राज्य शासन को प्रस्ताव प्रेषित करने, भूमि बैंक के गठन हेतु समिति निर्माण तथा शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भूमि चिन्हांकन की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र (एफ.आर.ए.), फौती नामांतरण, विभिन्न विभागों से संबंधित भूमि आबंटन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन, बैंक खाता, प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित गैप की समीक्षा कर संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण अंतर्गत स्वीकृत कार्यों की प्रगति तथा देयकों के भुगतान की स्थिति की समीक्षा की गई और लंबित भुगतान शीघ्र करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कलेक्टर द्वारा अन्य विभागों से संबंधित विषयों की समीक्षा की गई एवं सभी संबंधित अधिकारियों को कार्यों का समय-सीमा में निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित अन्य विभाग के विभागीय प्रमुख उपस्थित थे।




