केंद्रीय विद्यालय मैदान बचेली में ध्रुवा समाज ने भूम काल स्मृति दिवस मनाया


तहसीलदार बचेली को ज्ञापन सौंपा गया
दुर्जन सिंह
बचेली। जिला दंतेवाड़ा में भूमकाल स्मृति दिवस वृहद जनसंख्या में 116वीं वर्षगांठ बनाया गया है। यह दिवस आदिवासी समाज के गौरव का दिवस है। इस दिवस के दिन हमारे आदिवासी वीर शहीदों के बलिदान और संस्कृति की रक्षा की याद दिलाता है। इस वर्षगांठ में समाज के बुद्धिजीवी एवं समाज के सदस्यों ने भूमकाल स्मृति दिवस एवं भूमकाल के महानायक स्वतंत्रता सेनानी क्रांतिकारी अमर शहीद वीर गुंडाधुर के वीर गाथाओं एवं उनके द्वारा देश हित में किए गए कार्यों एवं जल जंगल और जमीन को बचाने एवं वन संसाधनों के दोहन को रोकने हेतु किए कार्यों का वर्णन किया गया। इसी वर्णन के आधार पर समाज के लोगों ने निम्न मांग इस ज्ञापन के माध्यम से कर रही है जो निम्न है…

भूमकाल स्मृति दिवस पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सार्वजनिक अवकाश घोषित करें। भूमकाल के महानायक स्वतंत्रता सेनानी क्रांतिकारी अमर शहीद वीर गुंडाधुर के वीर गाथाओं एवं उनके द्वारा देश हित में किए गए कार्यों को छत्तीसगढ़ के शिक्षा पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाए। छत्तीसगढ़ के विशेष स्थान एवं जन कल्याणकारी स्थान का नाम अमर सहित वीर गुंडाधुर के नाम से करें।

बस्तर की समस्त वन्य अभ्यारण का नाम अमर शहीद वीर गुंडाधुर के नाम से करें बस्तर की औद्योगिक नगरी एनएमडीसी बचेली किरंदुल नगरनार में स्थानीय आदिवासी बेरोजगार के स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु प्रयास किया जाए।
बस्तर की औद्योगिक नगरी एनएमडीसी बचेली किरंदुल नगरनार में होने वाले भरती को पांचवी अनुसूची के नियमानुसार स्थानीय भरती घोषित करें एवं रोक लगाए गए भरती को पुनः प्रारंभ किया जाए।





