खैरागढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई से फलों में मिलावट और रसायनों का खुलासा, सड़े-गले फल नष्ट कर सख्त चेतावनी जारी

खैरागढ़ : गर्मियों के दौरान लोगों की सेहत से होने वाले खिलवाड़ को रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। तीन दिनों तक चले विशेष जांच अभियान में बाजारों और दुकानों पर लगातार कार्रवाई की गई। कहीं सड़े गले फल नष्ट कराए गए तो कहीं नियम तोड़ने वाले प्रतिष्ठानों को बंद तक कराना पड़ा। वहीं केमिकल से फल पकाने की व्यवस्था का भी खुलासा हुआ।
कहां कहां चली कार्रवाई और क्या क्या सामने आया
कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल के निर्देश में चले इस अभियान की निगरानी अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी दीपक धृतलहरे की टीम ने जिले के फल बाजारों, मंडियों और दुकानों में लगातार जांच की। उद्देश्य साफ था कि आम लोगों तक पहुंचने वाला फल और खाद्य सामग्री सुरक्षित हो।
छुईखदान में सड़े फलों पर सख्त कदम क्यों उठाया गया
छुईखदान के नया बस स्टैंड क्षेत्र में जांच के दौरान भारी मात्रा में खराब फल मिले। करीब 20 किलो सड़े गले आम, कई दर्जन केले, पपीता और अंगूर मौके पर ही नष्ट कराए गए। इसी दौरान एक गन्ना जूस सेंटर में गंदगी और खुले में रखी बर्फ मिलने पर गंभीर लापरवाही सामने आई। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए दुकान को तुरंत बंद करा दिया गया।
बाजारों में छापेमारी से क्या सच सामने आया
इतवारी बाजार और पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में भी टीम ने कार्रवाई की। यहां लगभग 15 किलो खराब आम, 20 दर्जन केले और तीन तरबूज नष्ट कराए गए। जांच में साफ दिखा कि कई स्थानों पर भंडारण और बिक्री के नियमों की अनदेखी की जा रही थी।
सबसे बड़ा खुलासा कहां हुआ और कौन सा खेल पकड़ा गया
सबसे अहम कार्रवाई गंडई तहसील के वार्ड नंबर 7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार में सामने आई। यहां बिना खाद्य पंजीयन के केमिकल से फलों को पकाने का मामला उजागर हुआ। छापेमारी में गोल्डन टच एथिलीन रिपनर, टैग पूरन 3G और टैगपान लिक्विड जैसे रसायन बरामद किए गए। यह खुलासा पूरे अभियान का सबसे गंभीर हिस्सा माना जा रहा है।
कितना माल जब्त हुआ और जांच आगे क्या कहती है
टीम ने मौके से कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। साथ ही अस्वच्छ तरीके से रखे गए लगभग 60 कैरेट केले जब्त किए गए जिनकी कीमत लगभग 50 से 60 हजार रुपए आंकी गई है।
अब आगे क्या होगा और प्रशासन की चेतावनी क्या है
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कृत्रिम तरीके से फल पकाने और रसायनों के उपयोग पर अब किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने कहा कि आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और नियम तोड़ने वालों को किसी भी स्थिति में छोड़ा नहीं जाएगा।




