छत्तीसगढ़

महासमुंद में दहशत का माहौल: भालू का हमला और पागल कुत्ते का आतंक, ग्रामीणों की बढ़ी मुश्किलें

 छत्तीसगढ़ :  महासमुंद जिले में इन दिनों वन्य जीवों का खतरा तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है। सिंगारपुर, लारीपुर और बड़े लोरम के जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गए एक ग्रामीण पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। घायल युवक विशेष कुमार प्रधान गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जिसे पहले सांकरा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए पिथौरा रेफर किया गया।

हमले के बाद हड़कंप, गांवों में डर का माहौल
घटना के बाद सिंगारपुर, लारीपुर और आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में अब जाना जोखिम भरा हो गया है। रोजमर्रा के काम जैसे तेंदूपत्ता तोड़ना भी अब जानलेवा साबित हो सकता है।

वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, दी गई आर्थिक सहायता
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। विभाग ने घायल व्यक्ति को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की और इलाके में निगरानी बढ़ाने की बात कही है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

दूसरी मुसीबत: पागल कुत्ते ने आधा दर्जन लोगों को किया घायल
इसी जिले में एक और खतरा लोगों को परेशान कर रहा है। जामपाली और जंघोरा गांव में एक पागल कुत्ते ने अब तक आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को काटकर घायल कर दिया है। सभी घायलों को पिथौरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है।

प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती, ग्रामीणों में डर कायम
एक ओर जंगल में भालू का खतरा, तो दूसरी ओर गांवों में पागल कुत्ते का आतंक, प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। ग्रामीणों ने सुरक्षा के ठोस इंतजाम और निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि वे सुरक्षित रह सकें।

सतर्कता ही बचाव, जंगल और गांव दोनों जगह सावधानी जरूरी
लगातार बढ़ती इन घटनाओं के बीच लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। अकेले जंगल में जाने से बचें, समूह में रहें और किसी भी असामान्य गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन या वन विभाग को दें।

Related Articles

Back to top button