छत्तीसगढ़

आखिर कब सुधेरगा बचेली का गौरव पथ, पहले गढ्डो से परेशान, अब धूल के गुबार ने बढ़ाई परेशानी


दुकानदार, राहगीर और दोपहिया चालक बेहाल, मरम्मत और डामरीकरण की मांग तेज, जनता पूछ रही- आखिर कब जागेगा प्रशासन?’

दुर्जन सिंह

बचेली-बैलाडीला की गोद में बसे दंतेवाड़ा जिला का बचेली शहर का प्रमुख गौरव पथ इन दिनों अपनी बदहाली को लेकर चर्चा में है। कभी शहर की पहचान माने जाने वाली यह सड़क अब जगह-जगह गड्ढों, उखड़ी सतह और उड़ती धूल के कारण राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। हालात ऐसे हैं कि सड़क से गुजरने वाले लोगों को कई जगह नाक-मुंह ढंककर आवागमन करना पड़ रहा है।

कुछ दिन पहले हुई बारिश के बाद गौरव पथ के बीच-बीच में बने गड्ढों में पानी भर गया था। इससे सड़क की हालत और खराब हो गई। लगातार आवागमन के कारण गड्ढे बढ़ते गए और वाहन चालकों की परेशानी भी बढ़ती गई। इस समस्या को लेकर समाचार पत्र में खबर प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग ने संज्ञान लिया और गड्ढों में गिट्टी-डस्ट डालकर उन्हें भरने का प्रयास किया। लेकिन अब गड्ढों से मिली राहत के बजाय नई परेशानी खड़ी हो गई है।

गौरव पथ पर डाली गई गिट्टी-डस्ट अब वाहनों के गुजरने के साथ हवा में उड़ रही है। भारी वाहन जैसे ही सड़क से गुजरते हैं, पीछे धूल का बड़ा गुबार उठता है। यही धूल आसपास की दुकानों, सड़क किनारे खड़े वाहनों, दोपहिया चालकों और पैदल राहगीरों को परेशान कर रही है। तस्वीरें खुद सड़क की स्थिति की कहानी बयां कर रही हैं। एक ओर भारी वाहन धूल उड़ाते हुए गुजर रहे हैं, तो दूसरी ओर लोग इस धूल से बचने के लिए मुंह ढंककर सड़क पार करते नजर आते हैं। पहले लोग गड्ढों से बचकर चल रहे थे, अब धूल से बचकर चलने की मजबूरी है।

दुकानदारों की बढ़ी परेशानी, राहगीर भी बेहाल-

गौरव पथ के दोनों ओर बड़ी संख्या में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। सड़क से उड़ने वाली धूल सीधे दुकानों के अंदर तक पहुंच रही है। दुकानदारों को बार-बार सामान और दुकानों की सफाई करनी पड़ रही है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी स्थिति कम चिंताजनक नहीं है। सामने से या पीछे से भारी वाहन गुजरने पर अचानक उठने वाला धूल का गुबार कुछ क्षणों के लिए दृश्यता तक प्रभावित कर देता है। पैदल चलने वाले लोगों को भी इस समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। गढ्ढो के कारण दुपहिया वाहन चालक गिर रहे है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क जनता के आवागमन के लिए है, लेकिन वर्तमान स्थिति में लोगों को सड़क पर चलना ही मुश्किल हो रहा है।’’

गीदम-दंतेवाड़ा की तरह बचेली में भी सड़क पर उतरने की नौबत?
गत दिनो पहले बचेली से करीब 40 किलोमीटर दूर गीदम और दंतेवाड़ा में मुख्य मार्ग की गढ्ढो को लेकर नगरवासियों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम किया था। सड़क के गड्ढों और बदहाल स्थिति को लेकर लोगों के आक्रोश के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग ने मामले पर ध्यान दिया। अब बचेली में भी इसी तरह की चर्चा होने लगी है। स्थानीय लोगों के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या बचेली की जनता को भी अपनी सड़क के लिए सड़क पर उतरना पड़ेगा, तब जाकर प्रशासन और संबंधित विभाग गंभीरता से कार्रवाई करेंगे?’ जनता की मांग है कि ऐसी स्थिति आने से पहले ही प्रशासन समस्या का समाधान करे।

डीएमएफ व सीएसआर जैसे संसाधन, फिर भी मुख्य सड़क बदहाल-

बचेली और किरंदुल क्षेत्र बैलाडीला की लौह अयस्क खदानों के लिए देशभर में जाने जाते हैं। क्षेत्र में’एनएमडीसी जैसे नवरत्न सार्वजनिक उपक्रम की परियोजनाएं संचालित हैं। क्षेत्र के विकास के लिए डीएमएफ व सीएसआर जैसे संसाधनों के माध्यम से भी कार्य किए जाते हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब क्षेत्र में विकास के लिए संसाधन और धनराशि उपलब्ध है, तो फिर शहर के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल गौरव पथ की हालत इतनी खराब क्यों है? लोगों का कहना है कि बचेली से राजस्व और खनिज संपदा के माध्यम से बड़े स्तर पर आर्थिक गतिविधियां होती हैं, लेकिन शहर की मुख्य सड़क पर बुनियादी सुविधा की यह स्थिति चिंता का विषय है।
इसी के साथ जनता के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि विकास के लिए उपलब्ध धन का इस्तेमाल किस तरह और किन प्राथमिकताओं के आधार पर किया जा रहा है। हालांकि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता के आरोप की जांच संबंधित सक्षम एजेंसियों द्वारा तथ्यों और रिकॉर्ड के आधार पर ही की जानी चाहिए।

कलेक्टर से लेकर विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री तक शिकायत

गौरव पथ की समस्या को लेकर कलेक्टर से लेकर विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री स्तर तक शिकायतें की जा चुकी हैं। इसके बावजूद सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों की मांग अब स्पष्ट है गौरव पथ की स्थायी मरम्मत और गुणवत्तापूर्ण डामरीकरण कराया जाए। सड़क की पूरी स्थिति का निरीक्षण कर जहां जरूरत हो वहां सड़क की परत को दुरुस्त किया जाए। धूल नियंत्रण के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं और भारी वाहनों की आवाजाही एवं गति को भी व्यवस्थित किया जाए।

यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क को लेकर जनता का आक्रोश और बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को किसी बड़े आंदोलन या चक्काजाम का इंतजार करने के बजाय अभी से गौरव पथ की सुध लेनी चाहिए।
photo- attached

Related Articles

Back to top button