एनएमडीसी में एल-1 और एल-2 पदों पर भर्ती की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना, सीआईएसएफ चेकपोस्ट पर डटे बेरोजगार युवा

प्रबंधन ने कहा-भर्ती पर निर्णय लेने का अधिकार परियोजना स्तर पर नही, प्रबंधन के साथ पहले दौर का चर्चा विफल, कर्मचारियो को जाने नही दिया गया ड्यूटी
दुर्जन सिंह
बचेली- एनएमडीसी में लंबे समय से लंबित एल-1 एवं एल-2 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर 12 अक्टूबर, सोमवार को दंतेवाड़ा युवा बेरोजगार संघ के बैनर तले युवाओं ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी एनएमडीसी बचेली परियोजना के सीआईएसएफ चेकपोस्ट के पास एकत्रित हुए और भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। समाचार लिखे जाने तक धरना जारी था।

प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं हुई है। युवाओं ने प्रबंधन से भर्ती शुरू करने की संभावित तिथि, समय-सीमा और पूरी प्रक्रिया का स्पष्ट रोडमैप लिखित रूप में उपलब्ध कराने की मांग की है।

धरना-प्रदर्शन के दौरान चेकपोस्ट पर सैकडो युवा मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने ड्यूटी पर जाने वाली बसों को आगे नहीं बढ़ने दिया, जिसके चलते कर्मचारियों की आवाजाही प्रभावित हुई। कर्मचारियों के ड्यूटी पर नहीं पहुंच पाने के कारण परियोजना के लौह अयस्क उत्पादन पर भी असर पड़ने की जानकारी सामने आई है।

परियोजना प्रमुख और उच्चाधिकारियों के साथ हुई चर्चा-
धरनास्थल के पास एनएमडीसी परियोजना प्रमुख एवं अन्य उच्चाधिकारियों के साथ प्रदर्शनकारी युवाओं की चर्चा हुई। प्रबंधन की ओर से बताया गया कि भर्ती को लेकर निर्णय लेने का अधिकार स्थानीय स्तर पर नहीं है। इस संबंध में युवाओं का एक प्रतिनिधिमंडल गठित कर उच्च स्तर पर चर्चा के लिए भेजने की बात कही गई।
प्रबंधन की ओर से प्रतिनिधिमंडल को हैदराबाद ले जाकर संबंधित अधिकारियों से बातचीत कराने का प्रस्ताव भी रखा गया। हालांकि, प्रदर्शनकारी इस प्रस्ताव से पूरी तरह सहमत नहीं दिखे। युवाओं का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों को हैदराबाद ले जाना व्यावहारिक नहीं है। इसके बजाय भर्ती से जुड़े निर्णय लेने वाले जिम्मेदार अधिकारियों को बचेली बुलाकर चर्चा कराई जानी चाहिए, ताकि सभी के सामने स्थिति स्पष्ट हो सके।
पहले आंदोलन के बाद भी नहीं हुई ठोस चर्चा- युवा बेरोजगार संघ
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, इससे पहले भी भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन किया गया था। उस समय जिला प्रशासन और एनएमडीसी प्रबंधन की मध्यस्थता के बाद युवाओं ने आंदोलन समाप्त किया था। युवाओं का आरोप है कि इसके बाद लंबे समय तक न तो जिला प्रशासन की ओर से और न ही एनएमडीसी प्रबंधन की ओर से भर्ती के मुद्दे पर कोई ठोस चर्चा की गई। इसी वजह से उन्हें दोबारा धरने पर बैठना पड़ा है।
युवाओं का यह भी कहना है कि वित्तीय वर्ष के दौरान भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक उन्हें स्पष्ट समय-सीमा नहीं मिली है। उनका कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि लिखित रूप में भर्ती का पूरा कार्यक्रम दिया जाना चाहिए।
एल-1 और एल-2 पदों पर भर्ती शुरू करने की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों की ओर से भी समय-समय पर ज्ञापन सौंपे जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से स्थानीय बेरोजगार युवाओं में नाराजगी बनी हुई है।.
लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रखने के संकेत-ं
दंतेवाड़ा युवा बेरोजगार संघ से जुड़े प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि एनएमडीसी प्रबंधन भर्ती प्रक्रिया की समय-सीमा स्पष्ट करे और संबंधित उच्चाधिकारियों के स्तर पर निर्णय लेकर लिखित रोडमैप उपलब्ध कराए। फिलहाल, प्रबंधन और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद भी गतिरोध पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। समाचार लिखे जाने तक धरना जारी था।




