रायपुर के मॉल में पार्किंग शुल्क पर आयोग का बड़ा फैसला, ग्राहक से वसूली को माना अनुचित…55 हजार रुपये लौटाने का आदेश

रायपुर। मॉल में खरीदारी या अन्य काम से पहुंचने वाले ग्राहकों से पार्किंग शुल्क वसूली को लेकर राज्य उपभोक्ता आयोग ने अहम फैसला सुनाया है। सड्डू स्थित एक मॉल से जुड़े मामले में आयोग ने पार्किंग शुल्क वसूलने की प्रक्रिया को अनुचित व्यापार व्यवहार और सेवा में कमी माना है। आयोग ने मॉल प्रबंधन की अपील खारिज करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें ग्राहकों के लिए निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए गए थे।
जिला फोरम के आदेश को चुनौती देने पहुंचा था मॉल प्रबंधन
मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने मॉल प्रबंधन को ग्राहकों से पार्किंग शुल्क नहीं लेने का निर्देश दिया था। इसके खिलाफ मॉल प्रबंधन ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील दायर की थी।राज्य आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद जिला फोरम के फैसले को कायम रखा और मॉल प्रबंधन की अपील को खारिज कर दिया।
ग्राहक को मिलेंगे 55 हजार रुपये, 45 दिन की समय सीमा
अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया और सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा की पीठ ने 24 सितंबर को मामले में फैसला सुनाया। आयोग ने शिकायतकर्ता ग्राहक को मानसिक परेशानी के लिए 50 हजार रुपये और मुकदमे में हुए खर्च के लिए 5 हजार रुपये देने का आदेश दिया है।मॉल प्रबंधन को कुल 55 हजार रुपये की राशि 45 दिनों के भीतर चुकानी होगी। तय अवधि में भुगतान नहीं करने पर फैसले की तारीख से 7 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा।
दुकानदारों से मेंटेनेंस शुल्क लेने के बाद पार्किंग फीस पर सवाल
आयोग ने अपने फैसले में मॉल की ओर से दुकानदारों से पहले ही विभिन्न सुविधाओं के रखरखाव के नाम पर शुल्क लिए जाने का भी उल्लेख किया। इसमें एसी, लाइट, सुरक्षा व्यवस्था और एस्केलेटर के मेंटेनेंस जैसी सेवाएं शामिल हैं।आयोग के अनुसार, ऐसी स्थिति में ग्राहकों से अलग से पार्किंग शुल्क लेने की व्यवस्था पर सवाल उठता है। इसके अलावा ग्राहक की जानकारी के बिना फास्टैग से राशि काटने के तरीके को भी आयोग ने उचित नहीं माना।
फ्री पार्किंग की जानकारी देने वाला बोर्ड भी नहीं था
मामले में यह बात भी सामने आई कि पार्किंग स्थल पर 10 मिनट की निशुल्क पार्किंग या वाहन छोड़ने की सुविधा से संबंधित कोई स्पष्ट सूचना बोर्ड मौजूद नहीं था। आयोग ने इस व्यवस्था को भी नियमों के अनुरूप नहीं माना।फैसले के बाद अब मॉल में पार्किंग शुल्क की वसूली और ग्राहकों को दी जाने वाली जानकारी की व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।




