छत्तीसगढ़ में पटवारियों की हड़ताल और SSR बहिष्कार पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा का बयान, बोले- सरकारी काम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

रायपुर। छत्तीसगढ़ में पटवारी संघ की हड़ताल, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निपटारे में लापरवाही पर तहसीलदार के निलंबन और एसएसआर अभियान के बहिष्कार को लेकर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज है। इन मुद्दों पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पटवारियों से मौजूदा समय में गिरदावरी का काम पूरा करने की जरूरत बताई, वहीं सरकारी जिम्मेदारियों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों को भी सख्त संदेश दिया। एसएसआर अभियान के बहिष्कार को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा।
धान खरीदी से पहले गिरदावरी का काम जरूरी
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि प्रदेश में धान खरीदी की तैयारियों के बीच गिरदावरी का काम बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे समय में पटवारियों की हड़ताल से जरूरी कार्य प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक पटवारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ उनकी बातचीत नहीं हुई है। संघ की ओर से भी चर्चा के लिए कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं पहुंचा है।
कांग्रेस की ओर से सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि विपक्ष को बेवजह आरोप लगाने से बचना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार कांग्रेस शासन की तुलना में किसानों से अधिक कीमत पर धान खरीद रही है।
शिकायतों के निपटारे में लापरवाही पर तहसीलदार निलंबित
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं करने के मामले में तहसीलदार प्रमोद कुमार चंद्रवंशी के निलंबन पर भी मंत्री ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश मिला है कि कामकाज में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
मंत्री के मुताबिक, सीएम हेल्पलाइन आम लोगों की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसका उद्देश्य नागरिकों को अपनी शिकायतों के निवारण के लिए अनावश्यक परेशानी से बचाना और घर बैठे समाधान उपलब्ध कराना है। ऐसे में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे शिकायतों को गंभीरता से लें और निर्धारित समय के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित करें।
SSR अभियान के बहिष्कार पर कांग्रेस को घेरा
एसएसआर अभियान के बहिष्कार को लेकर राजस्व मंत्री ने कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में उन्हीं लोगों के नाम होने चाहिए, जो संबंधित क्षेत्र में वास्तव में निवास करते हैं। जो लोग उस क्षेत्र में नहीं रहते, उनके नामों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी तरह मतदाता सूची में गलत तरीके से नाम जोड़ा जाना भी उचित नहीं है।
मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विरोध करना विपक्ष की आदत बन गई है। उनके मुताबिक, मतदाता सूची को सही और व्यवस्थित बनाने के लिए अभियान में सहयोग किया जाना चाहिए, न कि उसका बहिष्कार करना चाहिए।
प्रशासनिक कामकाज और मतदाता सूची पर बढ़ी बहस
पटवारियों की हड़ताल, गिरदावरी कार्य, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों और एसएसआर अभियान को लेकर राजस्व मंत्री के बयान के बाद इन मुद्दों पर बहस तेज हो गई है। एक ओर सरकार जरूरी राजस्व कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की जवाबदेही और मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर भी सख्त रुख सामने आया है।




