रायपुर की हिस्ट्रीशीटर मोनिका सचदेव पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 17 केसों के बाद 6 जिलों से जिला बदर,जानिए कौन है मोनिका

रायपुर : पुलिस ने लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के आरोपों को लेकर हिस्ट्रीशीटर मोनिका सचदेव के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ साल 2005 से अब तक 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं। कार्रवाई का आधार पुलिस की रिपोर्ट और क्षेत्र में उसके कथित आपराधिक प्रभाव से जुड़ी शिकायतें बताई गई हैं।
टिकरापारा क्षेत्र की हिस्ट्रीशीटर है मोनिका सचदेव
पुलिस के अनुसार, मोनिका सचदेव टिकरापारा थाना क्षेत्र की सक्रिय गुंडा-बदमाश और गैंग हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ सिटी कोतवाली, टिकरापारा, गोलबाजार और सिविल लाइन थाना क्षेत्रों में अलग-अलग मामले दर्ज हैं।पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 2005 से अब तक उसके खिलाफ कुल 17 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में मारपीट, अवैध वसूली, लूट, आबकारी एक्ट और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े प्रकरण शामिल बताए गए हैं।
रावतपुरा कॉलोनी में भय का माहौल होने का पुलिस का दावा
पुलिस उपायुक्त पश्चिम क्षेत्र की रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच की गई। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान रावतपुरा कॉलोनी क्षेत्र में मोनिका की गतिविधियों को लेकर लोगों में भय का माहौल होने और शिकायत करने में हिचकिचाने की जानकारी सामने आई।रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कमिश्नर ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(क)(ख) के तहत जिला बदर की कार्रवाई का आदेश जारी किया। पुलिस के मुताबिक, यह आदेश दो महीने की अवधि के लिए लागू किया गया है और इसके तहत मोनिका सचदेव को रायपुर समेत कुल 6 जिलों से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
महिला प्रहरी से मारपीट का भी मामला
मोनिका सचदेव के खिलाफ जेल परिसर में महिला प्रहरी से मारपीट का मामला भी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, इस घटना में महिला प्रहरी के हाथ में चोट आई थी और फ्रैक्चर के बाद प्लास्टर करना पड़ा था।आरोप है कि घटना के दौरान महिला प्रहरी को धमकाया भी गया था। इस मामले में भी रायपुर पुलिस ने मोनिका के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था।
आदतन अपराधियों पर कार्रवाई जारी रखने की बात
रायपुर पुलिस का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले आदतन अपराधियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक और वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस ने जिला बदर की कार्रवाई को इसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।




