उम्र के दस्तावेजों ने खोल दी पोल, बंगाल के युवा क्रिकेटर पर BCCI की कड़ी कार्रवाई; जानिए कैसे सामने आया पूरा मामला

Rohit Yadav: भारतीय क्रिकेट में उम्र से जुड़ी कथित गड़बड़ी का एक गंभीर मामला सामने आया है। बंगाल के लेग स्पिनर रोहित यादव पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने दो साल का प्रतिबंध लगाया है। क्रिकेटर के उम्र संबंधी दस्तावेजों की जांच में अलग-अलग जन्म वर्ष दर्ज होने की बात सामने आई है।रोहित यादव के नाम पर तीन अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र मिलने की जानकारी सामने आई है। इन दस्तावेजों में जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज बताई गई है। मामला सामने आने के बाद बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन ने भी उन्हें अपनी जूनियर टीमों से बाहर कर दिया था।
आधार कार्ड में भी बदला गया जन्म वर्ष
रिपोर्ट के मुताबिक, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल में रजिस्ट्रेशन के समय रोहित का जन्म वर्ष 2007 दर्ज था। वहीं उनके आधार कार्ड से जुड़े रिकॉर्ड में भी अलग-अलग जन्म वर्ष सामने आए।2017 और 2020 में अपडेट किए गए आधार कार्ड में उनका जन्म वर्ष 2006 दर्ज था। इसके बाद 2021 में इसमें बदलाव कर जन्म वर्ष 2009 किए जाने की जानकारी सामने आई। अलग-अलग दस्तावेजों में जन्म वर्ष के इस अंतर के बाद उनकी उम्र को लेकर सवाल उठे और मामले की जांच की गई।
BCCI ने घरेलू क्रिकेट पर लगाया प्रतिबंध
दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन ने इसकी जानकारी BCCI को दी। इसके बाद बोर्ड ने कार्रवाई करते हुए रोहित यादव पर घरेलू क्रिकेट खेलने से दो साल का प्रतिबंध लगा दिया।BCCI के इस फैसले की जानकारी सभी संबद्ध राज्य क्रिकेट संघों को भी भेज दी गई है। इससे रोहित के घरेलू क्रिकेट करियर पर फिलहाल ब्रेक लग गया है।
श्रीलंका दौरे पर किया था शानदार प्रदर्शन
रोहित यादव मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह हाल ही में भारतीय अंडर-19 टीम का हिस्सा भी रहे हैं।जुलाई में श्रीलंका दौरे पर भारत की अंडर-19 टीम की ओर से खेलते हुए रोहित ने एक मुकाबले में 6 विकेट हासिल किए थे। उनके इस प्रदर्शन ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। इसी दौरे के दौरान उनके दस्तावेजों की जांच में उम्र को लेकर कथित विसंगतियां सामने आईं, जिसके बाद मामला BCCI तक पहुंचा और अब बोर्ड ने दो साल के प्रतिबंध का फैसला लिया है।




