बचेली गौरव पथ का हाल बेहाल, गढ्ढो में तब्दील नगर की प्रमुख सड़क

7 अगस्त को कलेक्टर को सौंपे गए पत्र में भी उठी थी यही समस्या,
भारी वाहनो के दवाब के बीच सड़क की क्षमता पर उठे सवाल
दुर्जन सिंह
बचेली- बचेली नगर के प्रमुख मार्गों में शामिल गौरवपथ इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहाता नजर आ रहा है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे और उखड़ी हुई सड़क राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। हाल ही में हुई तेज बारिश के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है। सड़क की तस्वीरें इसकी बदहाली की साफ गवाही दे रही हैं।

गौर करने वाली बात यह है कि 7 अगस्त 2026 को जिला कलेक्टर, दंतेवाड़ा को दिए गए पत्र में भी गौरवपथ की जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाया गया था। सेंट्रल वर्कशॉप से नगर पालिका कार्यालय के नीचे स्थित ढलान तक लगभग दो किलोमीटर लंबा यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक इसका उपयोग करते हैं। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढों में बारिश का पानी भरने तथा वाहनों के आवागमन में परेशानी है इस बात को पत्र में भी दर्ज की गई थी। पत्र सौंपे जाने के बावजूद वर्तमान तस्वीरें बताती हैं कि सड़क की स्थिति में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा है।

गौरवपथ का निर्माण पूरा होने के महज एक वर्ष के भीतर ही सड़क उखड़ने लगी। इस मार्ग पर बड़ी संख्या में भारी वाहन आवागमन करते हैं। ऐसे में सड़क की मौजूदा संरचना और उसकी क्षमता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि भारी वाहनों के दबाव को देखते हुए सड़क का निर्माण अधिक मजबूत और टिकाऊ तरीके से किया जाना चाहिए था। अब बचेली के नागरिकों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि मौजूदा जर्जर डामर की परत को हटाकर सड़क पर पर्याप्त मोटाई की नई डामर परत बिछाई जाए, ताकि मार्ग की भार-वहन क्षमता बढ़े और सड़क लंबे समय तक टिकाऊ रह सके।’’

इस गौरवपथ का निर्माण एनएमडीसी, बचेली के सीएसआर मद से कराया गया था। मार्ग पर राहगीरों की सुविधा और सुरक्षा के लिए स्ट्रीट लाइट भी लगाए गए हैं, लेकिन इनमें से कई लाइटें पिछले कई महीनों से बंद पड़ी हैं। ऐसे में सड़क की खराब हालत के साथ बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें भी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। गौरवपथ ऐसा मार्ग है, जहां से स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायक और सांसद का भी आवागमन होता रहता है। इसके बावजूद सड़क की वर्तमान स्थिति को देखकर नागरिकों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इस जर्जर मार्ग की ओर जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग का ध्यान कब जाएगा।
नागरिकों की मांग अब सिर्फ गड्ढों की तात्कालिक मरम्मत तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सड़क का स्थायी और गुणवत्तापूर्ण समाधान चाहते हैं, ताकि गौरवपथ वास्तव में अपने नाम के अनुरूप शहर की पहचान बन सके।




