छत्तीसगढ़

इंटक से संबद्ध मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन ने कैडर डेवलपमेंट के लिए सशक्त, प्रभावशाली व दूरदर्शी प्रशिक्षण कार्यक्रम की ऐतिहासिक पहल की

दुर्जन सिंह

बचेली। राष्ट्रीय एवं प्रदेश इंटक के दिशा निर्देशन में मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक) के तत्वावधान में कैडर डेवलपमेंट की दिशा में एक सराहनीय एवं दूरदर्शी पहल करते हुए दिनांक 22 मार्च 2026 को MMWU INTUC के अध्यक्ष विनोद कश्यप जी एवं सचिव ए.के. सिंह जी के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस पहल ने श्रमिक साथियों के बीच नई ऊर्जा, उत्साह एवं जागरूकता का संचार करते हुए संगठन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान किया।

इसी क्रम में प्रशिक्षण सत्र के अंतर्गत आज, 05 अप्रैल 2026 को यूनियन के सभी सम्माननीय पदाधिकारियों एवं सदस्यों की गरिमामय उपस्थिति में एक अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्रीमती भुवनेश्वरी ध्रुव द्वारा श्रमिक हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई, जिससे उपस्थित कर्मचारी सदस्यों को अपने कर्तव्यों, अधिकारों एवं सुविधाओं के प्रति जागरूकता प्राप्त हुई।

अपने व्याख्यान में उन्होंने निम्न प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला—

🔹 आश्रित (Dependent) के रूप में माता-पिता को शामिल करने के नियम तथा इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी।
🔹 अर्जित अवकाश (Earned Leave) का नकदीकरण – कितना, कब एवं किस प्रकार किया जाना चाहिए।
🔹 अवकाश के प्रकार (Types of Leaves) एवं NMDC कर्मचारी सेवा नियमों के अंतर्गत उनकी सीमाएँ—कितना अवकाश संचित किया जा सकता है तथा कितने के बाद वह लैप्स हो जाता है।
🔹 क्वारंटाइन अवकाश, विशेष आकस्मिक अवकाश, एवं अवैतनिक अवकाश के नियम और उनके सही उपयोग के तरीके।
🔹 परिवार नियोजन लाभ से संबंधित प्रावधान एवं उससे मिलने वाले लाभ।
🔹 मातृत्व एवं पितृत्व अवकाश—कितने दिनों का होता है, कब एवं किन परिस्थितियों में इसका उपयोग किया जा सकता है।
🔹 सेवानिवृत्ति अवधि तक अवकाश प्रबंधन—कितना और कौन-सा अवकाश सुरक्षित रखना चाहिए।
🔹 चिकित्सा सुविधाएँ—एक परिवार में कितने सदस्यों के लिए उपचार (जैसे दांतों का इलाज) का प्रतिपूर्ति प्रावधान, तथा चश्मे का ऑनलाइन क्लेम करने की प्रक्रिया।
🔹 अर्जित एवं अर्धवैतनिक अवकाश का वार्षिक निर्धारण—कैलेंडर वर्ष में इसका प्रबंधन कैसे किया जाए।

श्रमिक साथियों ने पूरे उत्साह, सक्रियता एवं जिज्ञासा के साथ इस सत्र में भाग लिया और महत्वपूर्ण जानकारियों का लाभ उठाया। यह प्रशिक्षण सत्र न केवल उनके अधिकारों की समझ को बढ़ाने में सहायक रहा, बल्कि उन्हें अपने हितों के प्रति जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हुआ।

यह प्रशिक्षण पहल केवल जानकारी प्रदान करने तक सीमित नहीं, बल्कि श्रमिकों के समग्र बौद्धिक, व्यावहारिक एवं संगठनात्मक विकास का सशक्त माध्यम बन रही है। ऐसे कार्यक्रम संगठन को मजबूती प्रदान करते हुए श्रमिकों को जागरूक, संगठित एवं सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

निस्संदेह, जब श्रमिक ज्ञान, जागरूकता एवं सक्षम मार्गदर्शन से सशक्त होते हैं, तब संगठन अधिक प्रभावी, जिम्मेदार एवं हितोन्मुखी बनता है। यह पहल श्रमिकों, संगठन एवं समाज—तीनों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन निरंतर रचनात्मक, संगठित एवं श्रमिक हितों के प्रति समर्पित दिशा में अग्रसर है।

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