मुख्यमंत्री विजय ने खोला अपने ब्लैक-व्हाइट लुक का राज, बोले- मेरी राजनीति भी कपड़ों की तरह बिल्कुल साफ

तमिलनाडु : मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख थलापति विजय ने आखिरकार उस सवाल का जवाब दे दिया है, जो पिछले कई महीनों से राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ था। मुख्यमंत्री बनने के बाद लगातार काले कोट और सफेद शर्ट में नजर आने वाले विजय ने पहली बार अपने इस खास ड्रेस कोड के पीछे की सोच सार्वजनिक की है।
जनसभा में बताया कपड़ों और राजनीति का संबंध
तिरुचिरापल्ली में आयोजित एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए विजय ने कहा कि लोग अक्सर उनसे पूछते हैं कि वह हमेशा ब्लैक एंड व्हाइट परिधान ही क्यों पहनते हैं। उन्होंने कहा कि इसका जवाब केवल फैशन या व्यक्तिगत पसंद से जुड़ा नहीं है, बल्कि उनकी राजनीतिक सोच से भी गहराई से संबंध रखता है।
विजय के मुताबिक, काला और सफेद रंग सही और गलत के बीच स्पष्ट अंतर का प्रतीक हैं। वह राजनीति में भी इसी तरह की स्पष्टता और पारदर्शिता चाहते हैं, जहां भ्रम, समझौते और दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह न हो।
सत्ता में पारदर्शिता को बताया सबसे बड़ा सिद्धांत
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार जनता के प्रति जवाबदेही और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उनका मानना है कि शासन का हर फैसला जनता के सामने स्पष्ट होना चाहिए और सरकार को बिना किसी छिपे एजेंडे के काम करना चाहिए।
उन्होंने संकेत दिया कि उनकी राजनीतिक कार्यशैली भी उसी तरह सीधी और स्पष्ट होगी, जैसी उनकी पहचान बन चुका ब्लैक-व्हाइट लुक है।
विपक्ष पर साधा निशाना, बदलाव की राजनीति का दावा
सभा के दौरान विजय ने विपक्षी दलों पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की राजनीति अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुकी है और जनता ने बदलाव के पक्ष में अपना फैसला सुना दिया है।
उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी राज्य को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है और खुद को पारंपरिक राजनीतिक ढांचे के विकल्प के रूप में स्थापित कर रही है। इस दौरान उन्होंने डीएमके और एआईएडीएमके की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए।
क्यों चर्चा में है विजय का यह बयान?
मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद से विजय की वेशभूषा लगातार सुर्खियों में रही है। समर्थक उनके ब्लैक-व्हाइट ड्रेस को उनकी अलग राजनीतिक पहचान मानते हैं, जबकि विरोधी इसे महज एक प्रतीकात्मक रणनीति बताते रहे हैं।
ऐसे माहौल में विजय का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने पहली बार सार्वजनिक रूप से बताया है कि उनके कपड़ों का चयन केवल व्यक्तिगत शैली नहीं, बल्कि उनकी राजनीतिक सोच और शासन की प्राथमिकताओं का भी संदेश देता है।



