छत्तीसगढ़

बारनवापारा अभयारण्य में नियमों के उल्लंघन की खबरों पर वन विभाग का स्पष्टीकरण, जांच में नहीं मिली कोई अनियमितता

 बलौदाबाजार :  बारनवापारा अभयारण्य में नियमों के उल्लंघन को लेकर उठे सवालों पर वन विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई है। विभाग के अनुसार अभयारण्य में लागू सभी नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है और सफारी मार्गों का सामान्य आवागमन के लिए उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।

निजी मुलाकात के लिए पहुंचे थे नगर पंचायत अध्यक्ष

वनमंडल अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार कसडोल नगर पंचायत अध्यक्ष नागेश्वर साहू, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष रामशरण यादव से निजी कार्य के सिलसिले में मिलने उनके निवास पहुंचे थे। बताया गया कि 28 मई की शाम लगभग 5 बजे वे वाहन क्रमांक CG-22 Y7224 से ठाकुरदिया बैरियर होते हुए बारनवापारा पहुंचे थे।

कैंटीन में भोजन के बाद लौटे, रास्ते में बनाया वन्यजीव का वीडियो

विभाग के मुताबिक संबंधित व्यक्ति के आग्रह पर उन्होंने बारनवापारा में संचालित कैंटीन में भोजन किया। यह कैंटीन स्थानीय समिति के माध्यम से संचालित की जाती है। शाम करीब 7:30 बजे भोजन करने के बाद वे वापस अपने निवास के लिए रवाना हो गए। वापसी के दौरान रास्ते में दिखाई दिए वन्यजीवों का वीडियो उन्होंने केवल उत्सुकतावश बनाया था।

वन्यजीवों को नहीं पहुंचा कोई नुकसान, मुख्य मार्ग का ही हुआ उपयोग

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिस मार्ग से आवागमन किया गया, वहां किसी भी वन्यजीव को नुकसान नहीं पहुंचा है। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि सफारी मार्गों का उपयोग नहीं किया गया था। संबंधित लोगों ने केवल निर्धारित मुख्य मार्ग का ही इस्तेमाल किया।

अभयारण्य के भीतर बसे हैं 19 गांव, लोगों का आना-जाना सामान्य

अधिकारियों ने बताया कि बारनवापारा अभयारण्य के भीतर और आसपास कुल 19 गांव स्थित हैं, जिनमें मुड़पार, डॉड, भिंभौरी, बफरा, अकलतरा और हरदी जैसे गांव शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का निजी और पारिवारिक कार्यों के लिए नियमित रूप से आना-जाना होता रहता है। ऐसे में अभयारण्य क्षेत्र में लोगों की आवाजाही असामान्य नहीं मानी जाती।

जांच रिपोर्ट में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि नहीं

वन विभाग का कहना है कि मामले की जांच के दौरान ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया, जिससे अभयारण्य के नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हो सके। विभाग ने दोहराया कि संरक्षित क्षेत्र में निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है और भविष्य में भी नियमों को लेकर सख्ती जारी रहेगी।

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