छत्तीसगढ़

10 लाख की लूट का खुलासा: MBA और इंजीनियरिंग पढ़े युवकों ने बनाई थी वारदात की साजिश, 7 लाख रुपए बरामद

 रायपुर :  राजधानी रायपुर के डीडीनगर थाना क्षेत्र स्थित डंगनिया में एचपी गैस एजेंसी के सुपरवाइजर से हुई 10 लाख रुपए की सनसनीखेज लूट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 7 लाख रुपए बरामद किए हैं। वहीं वारदात में शामिल तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

MBA और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके हैं आरोपी

पुलिस जांच में सामने आया है कि लूट की पूरी साजिश का मास्टरमाइंड गौरव है, जिसने MBA की पढ़ाई की है। उसका साथी आशीष इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है। दोनों मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और लंबे समय से रायपुर में किराये के मकान में रह रहे थे।

पहले भी जेल जा चुका है मुख्य आरोपी

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी गौरव का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। वह पूर्व में सट्टा संचालन के आरोप में दुर्ग जेल जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि वारदात में शामिल अन्य तीन आरोपियों के खिलाफ भी आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं।

कॉर्पोरेट ऑफिस की रेकी कर बनाई लूट की योजना

पुलिस के मुताबिक गौरव का अग्रसेन चौक स्थित एक कॉर्पोरेट कार्यालय में नियमित आना-जाना था। वहां उसने देखा कि कई लोग बड़ी रकम लेकर कार्यालय से निकलते हैं। इसी जानकारी के आधार पर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की योजना तैयार की।

बताया जा रहा है कि आरोपियों ने करीब डेढ़ से दो महीने तक इलाके की रेकी की। इस दौरान वे भुगतान के समय और बड़ी रकम ले जाने वाले लोगों पर नजर रखते थे।

सुपरवाइजर नहीं था असली टारगेट

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि एचपी गैस एजेंसी का सुपरवाइजर उनका पूर्व निर्धारित लक्ष्य नहीं था। घटना वाले दिन पांचों आरोपी कॉर्पोरेट कार्यालय के बाहर किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश में खड़े थे, जो बड़ी रकम लेकर निकले।

इसी दौरान श्रवण साहू बैग में नकदी लेकर बाहर निकला और कार में बैठ गया। आरोपियों ने दो अलग-अलग रास्तों से उसका पीछा किया और डंगनिया पहुंचने पर मौका देखकर नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए।

लूट के बाद आधा किलोमीटर दूर बांटी रकम

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गोल चौक के पास पहुंचे, जहां उन्होंने लूटी गई रकम का आपस में बंटवारा किया। इसके बाद सभी अलग-अलग दिशाओं में निकल गए ताकि पुलिस को उनकी गतिविधियों का पता न चल सके।

पकड़े जाने के डर से बंद कर दिए थे मोबाइल

आरोपियों को अंदेशा था कि मोबाइल लोकेशन और डंप डेटा के आधार पर पुलिस उन तक पहुंच सकती है। इसलिए वारदात पर निकलने से पहले सभी ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए थे। रायपुर से बाहर निकलने के बाद ही उन्होंने फोन दोबारा चालू किए।

3800 CCTV कैमरों की जांच से खुला राज

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने अग्रसेन चौक, डंगनिया, गोल चौक और सुंदर नगर सहित विभिन्न इलाकों में लगे करीब 3800 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान संदिग्ध एक्टिवा की गतिविधियां कई स्थानों पर नजर आईं, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

पहले भी कर चुके थे लूट की कोशिश

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने घटना से कुछ दिन पहले दो से तीन अन्य लोगों का पीछा किया था। हालांकि सुरक्षित मौका और उपयुक्त स्थान नहीं मिलने के कारण वे वारदात को अंजाम नहीं दे पाए थे। इसके बाद उन्होंने डंगनिया में इस बड़ी लूट की घटना को अंजाम दिया।

तीन फरार आरोपियों की तलाश जारी

फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में शामिल अन्य तीन फरार बदमाशों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर लिया जाएगा।

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