छत्तीसगढ़ मौसम अलर्ट: मानसून की एंट्री के संकेत, अगले 5 दिन बारिश और वज्रपात का खतरा, IMD ने जारी की चेतावनी

छत्तीसगढ़: मौसम तेजी से करवट बदल रहा है। रायपुर मौसम केंद्र के अनुसार आने वाले 2 से 3 दिनों में दक्षिण पश्चिम मानसून के प्रदेश में प्रवेश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। इसके साथ ही अगले पांच दिनों तक कई इलाकों में बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मानसून की रफ्तार तेज, छत्तीसगढ़ में बढ़ी हलचल
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक मानसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कई हिस्सों में सक्रिय हो चुका है। अब इसका असर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश में बादलों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है और कई जगह हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा रही है। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
अगले 5 दिन मौसम रहेगा अस्थिर, तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि अगले पांच दिनों तक प्रदेश में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है।
- 12 जून को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना
- 13 से 16 जून तक 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं
- कई इलाकों में वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा
तापमान में गिरावट से गर्मी से राहत की उम्मीद
मौसम के बदलते मिजाज का असर तापमान पर भी दिखने लगा है। अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। फिलहाल राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जबकि रायपुर में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ है। बारिश बढ़ने के साथ लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
रायपुर मौसम केंद्र की जनता को खास सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। गरज और बिजली गिरने की स्थिति में पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने, बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने और अनावश्यक यात्रा से परहेज करने की सलाह दी गई है।किसानों को भी अपनी फसल, उपकरण और खुले में रखी सामग्री सुरक्षित स्थान पर रखने की हिदायत दी गई है।
अगले कुछ दिन रहेंगे मौसम के लिहाज से संवेदनशील
IMD के अनुसार आने वाले दिन मौसम के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हैं। मानसून की दस्तक के साथ छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी और मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिलेगा। ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा सुरक्षा उपाय होगी।




