रायपुर की 3डी फैक्ट्री में विस्फोट के बाद बड़ी कार्रवाई, प्लांट बंद, मृतकों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये मुआवजा

रायपुर : उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित 3डी फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री का संचालन पूरी तरह बंद करा दिया है। इस हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि घटना ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फर्नेस में काम के दौरान हुआ विस्फोट
प्रारंभिक जांच के अनुसार, फैक्ट्री में फेरो अलॉय का उत्पादन किया जाता था। मंगलवार शाम करीब छह बजे फेरो अलॉय डिवीजन के फर्नेस में लान्सिंग के दौरान ऑक्सीजन सिलिंडर में अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और तीन मजदूरों की जान चली गई।
मुख्यमंत्री ने कहा, सुरक्षा नियमों पर होगी सख्ती
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि हादसे के तुरंत बाद फैक्ट्री को बंद करा दिया गया है। उन्होंने बताया कि मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की व्यवस्था की गई है और भविष्य में उद्योगों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
सरकार ने जांच के दिए आदेश
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि हादसे की विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मृतक मजदूरों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस ने बनाई जांच समिति
घटना के बाद कांग्रेस ने भी आठ सदस्यीय जांच समिति गठित की है। पूर्व मंत्री शिव डहरिया को समिति का संयोजक बनाया गया है। समिति पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेगी, घटनास्थल का निरीक्षण करेगी और अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंपेगी।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस के संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य में औद्योगिक हादसों में 150 से अधिक मजदूरों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों के प्रभावी पालन और नियमित निरीक्षण के अभाव में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग
कांग्रेस ने मांग की है कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मजदूर के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। साथ ही फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।




