सुकमा के सुदूर गांवों तक पहुंचा प्रशासन: दो नदियां पार कर कलेक्टर ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, मौके पर दिए समाधान के निर्देश

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सुशासन और जनसेवा की सोच को धरातल पर उतारने के लिए सुकमा जिला प्रशासन लगातार दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों तक पहुंच रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकुंद ठाकुर ने दो नदियां पार कर गुमोड़ी, कोंडासावली और तारलागुड़ा जैसे सुदूर गांवों का दौरा किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच बैठकर जनचौपाल आयोजित की और उनकी समस्याएं सुनते हुए कई मामलों में मौके पर ही आवश्यक निर्देश जारी किए।
जमीन पर बैठकर की जनचौपाल, योजनाओं का लिया फीडबैक
दौरे के दौरान कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन, शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
गुमोड़ी में लगेगा विशेष राजस्व शिविर
ग्राम गुमोड़ी में कलेक्टर ने महतारी वंदन योजना, तेंदूपत्ता भुगतान, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने जमीन से जुड़े दस्तावेज गुम होने की समस्या बताई। इस पर कलेक्टर ने गांव में विशेष राजस्व शिविर आयोजित कर आवश्यक दस्तावेज तैयार करने के निर्देश दिए।
बिजली, सड़क और स्कूल की सुविधाओं को मिलेगी मजबूती
ग्रामीणों की मांग पर कलेक्टर ने बिजली, सड़क और पुलिया निर्माण से जुड़े प्रस्तावों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण के दौरान बच्चों ने गिनती और अंग्रेजी वर्णमाला सुनाकर अधिकारियों का स्वागत किया। बच्चों के उत्साह को देखते हुए स्कूल परिसर में पेवर ब्लॉक, बाउंड्रीवाल और नए रसोईघर के निर्माण को मंजूरी दी गई।
बारिश के बीच भी नहीं रुकी जनचौपाल
कोंडासावली गांव में आम के पेड़ के नीचे ग्रामीणों के साथ बैठक के दौरान तेज बारिश शुरू हो गई, लेकिन इसके बावजूद जनचौपाल जारी रही। बिजली कनेक्शन से संबंधित शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने अधिकारियों को तीन दिन के भीतर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
45 दिनों में वनाधिकार पट्टे की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
ग्रामीणों ने वनाधिकार पट्टे की मांग भी उठाई। इस पर कलेक्टर ने पात्र हितग्राहियों के लिए विशेष शिविर आयोजित कर 45 दिनों के भीतर वनाधिकार पट्टे जारी करने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर
उप स्वास्थ्य केंद्र कोंडासावली के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने एंबुलेंस सुविधा की मांग रखी। कलेक्टर ने तत्काल एंबुलेंस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्वास्थ्य केंद्र में पर्दे लगाने, मुख्य मार्ग से पेवर ब्लॉक रैंप बनाने, योग शेड और सोकपिट निर्माण जैसे कार्य जल्द शुरू करने को कहा, ताकि दूरस्थ क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
ग्रामीण से 108 पर कॉल करवाकर जांची एंबुलेंस सेवा
तारलागुड़ा में निर्माणाधीन सुशासन परिसर के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति परखी। उन्होंने एक ग्रामीण से स्वयं 108 एंबुलेंस सेवा पर फोन करवाया। कॉल के बाद एंबुलेंस भेजे जाने की पुष्टि होने पर उन्होंने ग्रामीणों से आपात स्थिति में 108 सेवा का उपयोग करने की अपील की।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समस्या का मौके पर समाधान
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के दो हितग्राहियों ने खाते में राशि नहीं आने की शिकायत की। जांच में पता चला कि तकनीकी कारणों से बैंक खाते होल्ड पर थे। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल समस्या दूर कर हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
सुशासन को गांव-गांव तक पहुंचाने की पहल
बारिश और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जिला प्रशासन ने गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए तत्काल कदम उठाए। कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि सुशासन परिसर का निर्माण पूरा होने के बाद वे दोबारा गांवों का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।
ग्रामीणों का बढ़ रहा प्रशासन पर भरोसा
सुकमा जिला प्रशासन की यह पहल दर्शाती है कि शासन अब दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक सीधे पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रहा है। इससे ग्रामीणों में सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ-साथ प्रशासन और शासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हो रहा है।




