बारिश में बच्चों और अभिभावकों का गुस्सा सड़कों पर क्यों उतरा…एक सरकारी स्कूल से उठे आरोपों ने मचा दी हलचल

दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक सरकारी प्राथमिक स्कूल की प्रधान पाठिका के खिलाफ अभिभावकों और ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया। बड़ी संख्या में लोग बारिश के बीच जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रधान पाठिका को पद से हटाने और सेवा से बर्खास्त करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
बच्चों के साथ मारपीट और प्रताड़ना के लगाए आरोप
मामला दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र स्थित एक प्राथमिक स्कूल का है। अभिभावकों का आरोप है कि प्रधान पाठिका ममता शांडिल्य बच्चों के साथ मारपीट करती हैं, उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करती हैं और अपमानजनक व्यवहार अपनाती हैं।
परिजनों का कहना है कि लंच ब्रेक के दौरान स्कूल के पीछे बैठे एक छात्र की कांटेदार डंडे से पिटाई की गई। इस घटना के बाद अभिभावकों में नाराजगी और बढ़ गई।
निजी काम कराने और मजाक उड़ाने का भी आरोप
कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि उनसे स्कूल में निजी काम कराए जाते हैं। बच्चों का कहना है कि उनसे चाय बनवाई जाती है और कई बार उनकी शारीरिक बनावट, खासकर मोटापे को लेकर मजाक उड़ाया जाता है। अभिभावकों का आरोप है कि इस तरह के व्यवहार से बच्चों पर मानसिक दबाव पड़ रहा है।
विरोध करने पर डराने की बात भी कही
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि जब भी कोई अभिभावक या छात्र विरोध करता है तो उन्हें प्रधान पाठिका अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देकर डराने की कोशिश करती हैं। इससे पहले भी स्कूल प्रबंधन समिति की ओर से शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पहले भी हो चुकी है शिकायत
शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों के अनुसार मार्च महीने में भी मारपीट, अभद्र व्यवहार और जातिसूचक टिप्पणी जैसे आरोपों को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और शिक्षा मंत्री से शिकायत की गई थी। उनका कहना है कि जांच के बावजूद कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया।
इस बार परिजनों ने 12 गंभीर बिंदुओं का उल्लेख करते हुए विस्तृत शिकायत सौंपी है और स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उनका कहना है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि आरोप सही पाए गए तो नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।




