रायपुर में प्रदर्शन के बाद सियासी घमासान तेज, एफआईआर को लेकर आमने सामने आए भाजपा और कांग्रेस

रायपुर : भाजपा के कांग्रेस मुख्यालय घेराव के दौरान हुए हंगामे के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने इसे सरकार की दमनकारी नीति बताया है। वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है।
कांग्रेस का आरोप, राजीव भवन पर हुआ हमला
कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज एफआईआर का विरोध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजीव भवन पर हमला किया और कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पत्थर फेंके गए।उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े। कांग्रेस ने इस पूरी घटना की निंदा करते हुए मामले को राज्यपाल के सामने उठाने की बात कही है।
प्रमोद दुबे बोले, कार्रवाई एकतरफा, निष्पक्ष जांच की मांग
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद दुबे ने भी एफआईआर को लेकर भाजपा और सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं की ओर से जूते चप्पल और पत्थर फेंके गए, लेकिन कार्रवाई कांग्रेस नेताओं के खिलाफ की गई।प्रमोद दुबे ने इसे फांसीवादी नीति बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यालय में आकर मंत्रियों और भाजपा नेताओं का प्रदर्शन करना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता ट्रैक्टर में पत्थर भरकर लाए थे और कांग्रेस भवन को निशाना बनाया गया।उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर किया पलटवार
मामले को लेकर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण रहा।अरुण साव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डंडे लहराए और पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की धमकी से प्रशासन और सरकार पीछे हटने वाली नहीं है।
भाजपा का आरोप, अपराधों से जुड़े मामलों में कांग्रेस के लोग सामने आते हैं
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि गुंडागर्दी किस पार्टी से जुड़ी है, यह प्रदेश की जनता देख चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई अपराधों में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका सामने आती रही है।उन्होंने कहा कि सड़क से लेकर सदन तक कांग्रेस नेताओं का व्यवहार एक जैसा रहता है और प्रदेश की जनता इसका जवाब देगी।फिलहाल रायपुर प्रदर्शन विवाद को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है और मामला राजनीतिक टकराव का नया मुद्दा बन गया है।




