छत्तीसगढ़

आयुष्मान योजना की जांच से मचा हड़कंप, कार्रवाई के बाद निजी अस्पतालों में बढ़ा विरोध

 छत्तीसगढ़ :  सरगुजा जिले में आयुष्मान भारत योजना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। निजी अस्पतालों में चल रही जांच और कथित गड़बड़ियों के खुलासे के बाद अब कुछ अस्पताल संचालकों और डॉक्टरों की ओर से योजना के जिला नोडल अधिकारी को हटाने की मांग किए जाने की बात सामने आई है।बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में आयुष्मान भारत की टीम ने कई निजी अस्पतालों में जांच कर फर्जी क्लेम और अन्य अनियमितताओं से जुड़े मामलों में नोटिस जारी किए हैं। इसके बाद कुछ अस्पताल संचालक जांच प्रक्रिया से नाराज बताए जा रहे हैं।

फर्जी मरीज दिखाकर क्लेम लेने का आरोप

सूत्रों के मुताबिक अंबिकापुर के कुछ निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत कथित रूप से ऐसे मरीजों को भर्ती दिखाया गया, जिनका वास्तविक इलाज हुआ ही नहीं। आरोप है कि मरीजों के आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज के नाम पर हजारों रुपये के क्लेम किए गए।जांच के दौरान जब विभागीय टीम ने अस्पतालों के दस्तावेज और रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू की तो कई तरह की अनियमितताएं सामने आने लगीं। अधिकारियों की जांच के बाद अब संबंधित अस्पतालों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

होटल में बैठक कर रणनीति बनाने की चर्चा

जानकारी के अनुसार कुछ डॉक्टरों ने हाल ही में एक होटल में बैठक की, जिसमें आयुष्मान भारत योजना के जिला नोडल अधिकारी को हटाने को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद अधिकारियों को पत्र भेजने की तैयारी शुरू होने की बात कही जा रही है।हालांकि इस पूरे मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

डीएचटी अस्पताल की जांच में भी मिली कई खामियां

इधर डीएचटी अस्पताल में आयुष्मान भारत के समन्वयक और उनकी टीम द्वारा की गई जांच में भी कई कमियां सामने आने की जानकारी मिली है।सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान एक व्यक्ति ने खुद को अस्पताल का मैनेजर बताया, लेकिन टीम को उसके झोलाछाप डॉक्टर होने की जानकारी मिली। उसका नाम जमुना बताया जा रहा है।जांच टीम को अस्पताल के आईसीयू में भी गंभीर लापरवाही मिली। बताया गया कि निरीक्षण के समय आईसीयू में कोई विशेषज्ञ डॉक्टर मौजूद नहीं था और बिना विशेषज्ञ निगरानी के संचालन की स्थिति सामने आई। इससे पहले नर्सिंग होम एक्ट की टीम भी इसी अस्पताल का निरीक्षण कर कई खामियां चिन्हित कर चुकी है।

कई निजी अस्पताल जांच के दायरे में

पिछले कुछ महीनों में आयुष्मान भारत की टीम ने केडी अस्पताल, डीएचटी अस्पताल, प्रकाश हॉस्पिटल समेत कई निजी स्वास्थ्य संस्थानों की जांच की है।जांच में मिले तथ्यों के आधार पर विभाग आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। वहीं जांच अधिकारियों को हटाने की मांग सामने आने के बाद यह मामला अब केवल अनियमितताओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन के बीच टकराव का मुद्दा भी बनता जा रहा है।

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