छत्तीसगढ़

4 साल तक ड्यूटी से रहे गायब, आखिरकार गई सरकारी नौकरी, शिक्षा विभाग ने की बड़ी कार्रवाई

 सरगुजा :  शिक्षा विभाग ने लंबे समय से बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उसकी सेवा समाप्त कर दी है। विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने यह फैसला लिया। यह मामला सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर एक बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

चार साल से नहीं पहुंचे कार्यस्थल, विभाग ने दिखाई सख्ती

जानकारी के अनुसार विकासखंड उदयपुर के शासकीय हाई स्कूल लक्ष्मणगढ़ में पदस्थ सहायक ग्रेड-03 सूरज कुमार भगत 17 मार्च 2021 से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित थे। बताया गया कि उन्होंने न तो अवकाश की अनुमति ली और न ही विभाग को अनुपस्थिति का कोई वैध कारण बताया।

बार-बार नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब

शिक्षा विभाग ने कर्मचारी को कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए। इसके अलावा समाचार पत्रों में सूचना प्रकाशित कर भी उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। बावजूद इसके संबंधित कर्मचारी ने निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया।

जांच में खुली लापरवाही की परतें

मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच कराई गई। जांच अधिकारी ने उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। जांच में पाया गया कि कर्मचारी लंबे समय तक बिना स्वीकृति के अनुपस्थित रहे और अपनी गैरहाजिरी के समर्थन में कोई वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सके।

आरोप साबित होने पर हुई सेवा समाप्त

विभागीय जांच में आरोप प्रमाणित होने के बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत कार्रवाई की गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश जारी करते हुए सूरज कुमार भगत की सेवा समाप्त कर दी।

अनुशासनहीनता पर विभाग का स्पष्ट संदेश

इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग की अनुशासनात्मक व्यवस्था से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि सरकारी सेवा में लंबे समय तक अनधिकृत अनुपस्थिति को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। विभाग की इस कार्रवाई से कर्मचारियों को सेवा नियमों का पालन करने का स्पष्ट संदेश गया है।

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