बचेली का गौरव पथ हुआ बदहाल, जगह-जगह गड्ढों ने बढ़ाई राहगीरों की मुश्किल

सेंट्रल वर्कशॉप से नगर पालिका कार्यालय के नीचे ढलान तक लगभग 2 किमी लंबे मुख्य मार्ग की हालत खराब, बारिश में गड्ढों में भर रहा पानी, वाहन चालकों को आवागमन में हो रही परेशानी
दुर्जन सिंह
बचेली- बचेली नगर के मुख्य मार्ग गौरव पथ इन दिनों अपनी बदहाल स्थिति को लेकर चर्चा में है। शहर के मुख्य मार्ग के रूप में इस्तेमाल होने वाली इस सड़क पर कई स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं। बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो रहा है। इससे आवागमन में परेशानी के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
सेंट्रल वर्कशॉप से लेकर नगर पालिका कार्यालय के नीचे ढलान तक करीब 2 किलोमीटर का यह मार्ग गौरव पथ के रूप में विकसित किया गया था। इसका निर्माण करीब चार वर्ष पहले एनएमडीसी बचेली के सीएसआर मद से लोक निर्माण विभाग, दंतेवाड़ा द्वारा कराया गया था। निर्माण के कुछ ही वर्षों बाद सड़क की वर्तमान स्थिति अब इसकी मरम्मत और रखरखाव की जरूरत की ओर ध्यान खींच रही है।
बारिश ने और बढ़ा दी परेशानी-
मानसून के दौरान समस्या और गंभीर हो गई है। सड़क पर बने छोटे-बड़े गड्ढों में बारिश का पानी जमा हो जाने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का पता नहीं चल पाता। दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति विशेष रूप से परेशानी भरी है। कई जगह सड़क की ऊपरी परत उखड़ने और गिट्टियां बिखरने से वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
तस्वीरों में भी गौरव पथ की स्थिति स्पष्ट दिखाई दे रही है। सड़क के अलग-अलग हिस्सों में पानी से भरे गड्ढे और क्षतिग्रस्त सतह नजर आ रही है। दिनभर यहां दोपहिया, चारपहिया एवं अन्य वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। इन गढ्ढो के कारण साथ में छोटे बडे़ दुर्घटना भी हो रही है, ऐसे में मुख्य मार्ग पर बने गड्ढे आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।
गौरव पथ केवल सामान्य सड़क नहीं, सड़क की खराब स्थिति का असर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ रहा है। विशेषकर बारिश के दौरान पानी से भरे गड्ढों से बचने के प्रयास में वाहन चालक अचानक दिशा बदलते हैं। व्यस्त सड़क पर इस तरह की स्थिति हादसे का कारण बन सकती है। रात के समय या तेज बारिश के दौरान परेशानी और बढ़ सकती है, क्योंकि पानी भरने के बाद गड्ढे आसानी से दिखाई नहीं देते।
करीब चार साल में सड़क की हालत पर उठ रहे सवाल
जानकारी के अनुसार गौरव पथ का निर्माण हुए अभी लगभग चार वर्ष ही हुए हैं। इतनी कम अवधि में मुख्य सड़क के कई हिस्सों में गड्ढे और क्षतिग्रस्त सतह दिखाई देना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। एक महत्वपूर्ण शहरी मार्ग होने के कारण लोगों को उम्मीद थी कि इससे लंबे समय तक सुगम और बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी, लेकिन मौजूदा स्थिति में सड़क के कई हिस्से मरम्मत की मांग कर रहे हैं।
विडंबना यह है कि गौरव पथ से होकर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर विभागीय उच्चाधिकारी, विधायक, सांसद और अन्य जनप्रतिनिधियों का भी आए दिन आवागमन होता है। इसके बावजूद सड़क की बदहाल स्थिति पर अब तक अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाना कई सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर बने गड्ढों और आवागमन में हो रही परेशानी को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। बारिश के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं। ऐसे में लोगों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की आवाजाही भी इसी मुख्य मार्ग से होती है, तो आखिर गौरव पथ की यह बदहाली कब तक उनकी नजरों से ओझल रहेगी और इसकी सुध कब ली जाएगी?
समय रहते मरम्मत की जरूरत
स्थानीय लोगों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन को देखते हुए गौरव पथ के क्षतिग्रस्त हिस्सों की जल्द मरम्मत की आवश्यकता महसूस की जा रही है। केवल गड्ढों को अस्थायी रूप से भरने के बजाय यदि खराब हिस्सों की तकनीकी जांच कर स्थायी सुधार किया जाए तो समस्या दोबारा उत्पन्न होने की संभावना को कम किया जा सकता है।
समय रहते सुधार नहीं हुआ तो लगातार बारिश और वाहनों के दबाव के कारण छोटे गड्ढे और बड़े हो सकते हैं और सड़क की स्थिति अधिक खराब हो सकती है। अब देखना होगा कि नगर के इस महत्वपूर्ण ‘गौरव पथ’ की बदहाल स्थिति पर संबंधित विभाग कब संज्ञान लेता है और राहगीरों को गड्ढों से राहत दिलाने के लिए मरम्मत का काम कब शुरू किया जाता है।





