छत्तीसगढ़

CG News: नायब तहसीलदार विवाद के बाद खत्म हुई हड़ताल, आज से सामान्य होंगे राजस्व और प्रशासनिक कामकाज

छत्तीसगढ़ :  नायब तहसीलदार तुषार मानिक से कथित मारपीट के मामले को लेकर चल रहा प्रशासनिक गतिरोध फिलहाल समाप्त हो गया है। शासन के साथ हुई सकारात्मक चर्चा और मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू होने के बाद छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने अपना आंदोलन और सामूहिक अवकाश कार्यक्रम वापस लेने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही प्रदेशभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अपने नियमित कार्यों पर लौट आएंगे।

सरकार के आश्वासन के बाद बनी सहमति

संघ के प्रतिनिधियों और शासन के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में राजापुर प्रकरण के साथ-साथ अधिकारियों की सुरक्षा, कार्यालयीन संसाधनों की कमी, वाहन सुविधा, न्यायालयीन कार्यों के लिए आधारभूत ढांचे और रिक्त पदों जैसे कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।संघ का कहना है कि सरकार ने सभी मांगों पर गंभीरता दिखाई है और चरणबद्ध तरीके से समाधान का भरोसा दिया है। इसी के बाद आंदोलन स्थगित करने का फैसला लिया गया।

आज से फिर पटरी पर लौटेंगे प्रशासनिक कार्य

हड़ताल समाप्त होने के साथ ही प्रदेश में राजस्व, न्यायालयीन, निर्वाचन, जनगणना और अन्य शासकीय कार्यों का संचालन सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा। पिछले कुछ दिनों से प्रभावित प्रशासनिक गतिविधियों को अब फिर गति मिलने की उम्मीद है।

नायब तहसीलदार की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला

संघ के अनुसार तुषार मानिक की शिकायत के आधार पर सीतापुर थाने में अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।

प्रकरण में नामजद आरोपी नाजिम राजा और पंकज गुप्ता की पुलिस के समक्ष उपस्थिति दर्ज हो चुकी है और उनके खिलाफ वैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा विवाद?

राजापुर उप तहसील में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक और सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से जुड़ा यह विवाद पिछले दिनों काफी चर्चा में रहा था।विधायक की बहन सीमा धनकी ने आरोप लगाया था कि वह अपने पति की पैरोल प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेज तैयार कराने कार्यालय पहुंची थीं, जहां उनके साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया। इसके बाद उन्होंने अपने भाई विधायक रामकुमार टोप्पो को घटना की जानकारी दी।आरोप है कि बाद में नायब तहसीलदार को राजापुर बुलाया गया, जहां बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया और उनके साथ मारपीट की गई। दूसरी ओर इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई गईं, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के आरोपों के आधार पर केस दर्ज किया।

अधिकारियों की सुरक्षा का मुद्दा बना प्रमुख विषय

इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर प्रदेशभर में चर्चा शुरू हो गई थी। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए अधिकारियों के लिए बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और कार्यस्थलों पर आवश्यक सुविधाओं की मांग उठाई थी।अब शासन के आश्वासन और प्रारंभिक कार्रवाई के बाद आंदोलन भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन सभी की नजर इस बात पर बनी रहेगी कि मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और प्रशासनिक मांगों पर सरकार कितनी तेजी से अमल करती है।

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