छत्तीसगढ यूथ कांग्रेस चुनाव की हलचल तेज, 28 अगस्त के बाद शुरू हो सकती है प्रक्रिया; 6 हजार से ज्यादा दावेदारों ने पेश की उम्मीदवारी

रायपुर। छत्तीसगढ यूथ कांग्रेस के संगठन चुनाव को लेकर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव की अंतिम तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन 28 अगस्त के बाद चुनावी प्रक्रिया शुरू होने की संभावना के बीच संगठन के भीतर दावेदारों की सक्रियता बढ गई है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में फिलहाल नामांकन और दावा-आपत्ति से जुडी प्रक्रिया चल रही है।
प्रदेशभर से बडी संख्या में शिकायतें मिलने के बाद चुनाव समिति उनके निराकरण में जुटी है। वहीं संभावित प्रत्याशियों और युवा कार्यकर्ताओं के बीच चुनाव को लेकर उत्साह का माहौल दिखाई दे रहा है।
100 से ज्यादा शिकायतों पर सुनवाई, नामांकन और आपत्तियों की हो रही जांच
यूथ कांग्रेस चुनाव की प्रक्रिया को लेकर चुनाव समिति की टीम पिछले दो दिनों से रायपुर में मौजूद है। चुनाव के पीआरओ राकेश सिंह नेगी के अनुसार नामांकन, उम्मीदवारों के नाम और आपराधिक प्रकरणों से जुडी शिकायतों पर सुनवाई की जा रही है।
अब तक 100 से अधिक शिकायतें चुनाव समिति तक पहुंच चुकी हैं। समिति इन मामलों की जांच और निराकरण की प्रक्रिया में लगी है। अधिकारियों के मुताबिक दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव कार्यक्रम को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।
करीब 6 हजार नामांकन ने बढाई चुनावी हलचल, सदस्यता का आंकडा 20 लाख पार होने का अनुमान
इस बार यूथ कांग्रेस चुनाव में बडी भागीदारी की तस्वीर सामने आ रही है। चुनाव पीआरओ के अनुसार करीब 6 हजार नामांकन प्राप्त हुए हैं। संगठन की सदस्यता भी 20 लाख से अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
इतनी बडी संख्या में नामांकन को देखते हुए संगठन के भीतर इसे अब तक के सबसे प्रतिस्पर्धी चुनावों में से एक माना जा रहा है। चुनाव समिति का मानना है कि इस बार सदस्यता और दावेदारी के पुराने आंकडे पीछे छूट सकते हैं।
28 अगस्त के बाद साफ होगी चुनावी तस्वीर, प्रत्याशियों को दी जा रही प्रक्रिया की ट्रेनिंग
चुनाव की आधिकारिक तारीखों का ऐलान अभी बाकी है। हालांकि चुनाव पीआरओ राकेश सिंह नेगी ने 28 अगस्त के बाद प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई है।
चुनाव से जुडे पदाधिकारियों और संभावित प्रत्याशियों को नियमों तथा पूरी प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं। सदस्यता और चुनाव से संबंधित गतिविधियों को निर्धारित मोबाइल ऐप के जरिए संचालित किए जाने की जानकारी दी गई है।
युवा नेताओं के लिए बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे बन सकते हैं प्रमुख चुनावी हथियार
चुनाव में अपनी दावेदारी पेश कर रहे युवा नेता इसे केवल संगठनात्मक पद हासिल करने की प्रक्रिया नहीं मान रहे हैं। उनके मुताबिक यूथ कांग्रेस को युवाओं और आम लोगों से जुडे मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाने वाला मंच बनाना जरूरी है।
कोरबा जिला ग्रामीण अध्यक्ष पद के दावेदार लक्ष्मीकांत कंवर ने युवाओं में चुनाव को लेकर उत्साह का दावा किया। उन्होंने बेरोजगारी के साथ खाद और बीज से जुडी किसानों की समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बताते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
दावा-आपत्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर प्रत्याशियों ने बताई प्रक्रिया की पारदर्शिता
लक्ष्मीकांत कंवर ने कहा कि नामांकन और शिकायतों को लेकर दावा-आपत्ति चुनाव प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है। उनके अनुसार पूरे प्रदेश में निर्धारित नियमों के तहत शिकायतों की जांच की जा रही है।
उन्होंने चुनाव में किसी तरह के पक्षपात की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया यूथ कांग्रेस के निर्धारित संगठनात्मक ढांचे के तहत संचालित हो रही है।
पिछले चुनाव की तुलना में ज्यादा उत्साह का दावा, कई महीने से चल रही तैयारी
पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र के युवा कांग्रेस अध्यक्ष अंकित पाल ने दावा किया कि इस बार युवाओं में चुनाव को लेकर पिछली बार की अपेक्षा ज्यादा उत्साह दिखाई दे रहा है।
उनके मुताबिक संभावित उम्मीदवार और कार्यकर्ता करीब तीन महीने से चुनाव की तैयारियों में सक्रिय हैं। सदस्यता, संगठन विस्तार और जमीनी संपर्क को लेकर भी कार्यकर्ताओं ने अपनी गतिविधियां बढाई हैं।
NEET विवाद और रोजगार जैसे मुद्दों से युवाओं को जोडने की रणनीति
अंकित पाल ने युवाओं के मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने बेरोजगारी और NEET से जुडे विवाद को युवाओं के बीच प्रमुख मुद्दा बताया।
उनका कहना है कि इन विषयों को लेकर युवाओं में नाराजगी है और इसी वजह से बडी संख्या में युवा कांग्रेस संगठन से जुडने में रुचि दिखा रहे हैं। संगठन में गुटबाजी के सवाल पर उन्होंने ऐसी किसी स्थिति से इनकार किया।
राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने संभावित प्रत्याशियों के साथ की चर्चा, आगे की रणनीति पर हुआ मंथन
सोमवार को यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. स्मृति रंजन लंका ने कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक की। इसमें संभावित प्रत्याशियों के साथ चुनाव प्रक्रिया से जुडे विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
बैठक में दावा-आपत्ति, शिकायतों के निराकरण, संगठनात्मक तैयारियों और चुनाव की आगामी रणनीति को लेकर विचार-विमर्श हुआ।
अब 28 अगस्त के बाद सामने आएगा चुनाव का पूरा कार्यक्रम, दावेदारों की असली परीक्षा जमीनी समर्थन में होगी
फिलहाल सभी की नजर यूथ कांग्रेस चुनाव की आधिकारिक तारीखों पर टिकी हुई है। दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने, संभावित प्रत्याशियों से जुडी औपचारिकताएं समाप्त होने और प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद 28 अगस्त के बाद चुनावी कार्यक्रम सामने आने की संभावना है।
करीब 6 हजार नामांकन और 20 लाख से अधिक सदस्यता के अनुमान के बीच इस बार मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं। चुनाव में केवल पद हासिल करने की कोशिश नहीं होगी, बल्कि दावेदारों के संगठनात्मक प्रभाव, युवाओं के बीच सक्रियता और जमीनी नेटवर्क की भी परीक्षा होगी।
छत्तीसगढ यूथ कांग्रेस का यह चुनाव आने वाले समय में संगठन की दिशा तय करने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबसे बडी नजर इस बात पर है कि 28 अगस्त के बाद चुनाव कार्यक्रम किस रूप में सामने आता है और मैदान में उतरे दावेदार अपनी ताकत को वोट में कितना बदल पाते हैं।




