छत्तीसगढ़

सरपंच और बीडीसी को गैंगरेप केस में फंसाने की साजिश नाकाम, तीन लाख की ब्लैकमेलिंग का खुलासा, महिला समेत पांच गिरफ्तार

 बलौदाबाजार-भाटापारा:  पुलिस ने ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों ने गांव के सरपंच और बीडीसी सदस्य को सामूहिक दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाकर उनसे तीन लाख रुपये वसूलने की साजिश रची थी। पुलिस की सतर्क जांच के चलते पूरा मामला उजागर हो गया और महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गैंगरेप की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

पुलिस के अनुसार, 24 जून को एक महिला ने कसडोल थाने में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर ग्राम के सरपंच और बीडीसी सदस्य ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।

पूछताछ में खुली साजिश की परतें

जांच के दौरान महिला से विस्तार से पूछताछ की गई, जिसमें उसने स्वीकार किया कि उसके साथ किसी प्रकार की घटना नहीं हुई थी। पूछताछ में सामने आया कि उसकी सहेली पूनम, भागवत थवाईत और अन्य लोगों ने मिलकर पूरी साजिश रची थी। योजना के तहत सरपंच और बीडीसी सदस्य को झूठे मामले में जेल भेजने की धमकी देकर उनसे तीन लाख रुपये की मांग की गई थी।

गिरोह का तरीका आया सामने

पुलिस जांच में यह भी पता चला कि आरोपी गंभीर आपराधिक मामलों में फंसाने का डर दिखाकर लोगों से अवैध वसूली करने की कोशिश करते थे। मामले में कसडोल थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की। घेराबंदी कर सभी पांच आरोपियों को हिरासत में लिया गया, जहां पूछताछ के दौरान उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद सभी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

ये हैं गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने इस मामले में भागवत थवाईत, दीपक थवाईत, शिवा चेलक, विजय शंकर और पूनम को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई जारी है।

वाहन और मोबाइल फोन जब्त

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक महिंद्रा थार और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि गिरोह ने इससे पहले भी इसी तरह की किसी वारदात को अंजाम दिया था या नहीं।

Related Articles

Back to top button