मुक्तिधाम में पालतू कुत्ते के दाह संस्कार पर मचा विवाद, विरोध के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा

बिलासपुर : तोरवा क्षेत्र स्थित मुक्तिधाम में पालतू कुत्ते का दाह संस्कार किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों और कुछ संगठनों ने इसका विरोध जताया। बढ़ते विवाद के बीच पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया।
परिवार ने पालतू डॉग को दी अंतिम विदाई
जानकारी के अनुसार कुदुदंड क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार के पालतू कुत्ते की मौत हो गई थी। परिवार का कहना है कि वह उनके लिए केवल पालतू जानवर नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य था। इसी भावनात्मक लगाव के कारण उन्होंने तोरवा मुक्तिधाम में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया। परिवार का दावा है कि यह प्रक्रिया संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति की अनुमति के बाद पूरी की गई।
स्थानीय लोगों ने जताई आपत्ति
घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और कुछ हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया। उनका कहना है कि मुक्तिधाम का उपयोग केवल मानव अंतिम संस्कार के लिए किया जाना चाहिए और वहां किसी पशु का दाह संस्कार धार्मिक परंपराओं तथा जनभावनाओं के अनुरूप नहीं है।
केयरटेकर पर लगाए गए गंभीर आरोप
विरोध करने वाले लोगों का आरोप है कि मुक्तिधाम के केयरटेकर ने कथित तौर पर दो हजार रुपये लेकर दाह संस्कार की अनुमति दी। उनका यह भी कहना है कि इस संबंध में नगर निगम से कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने समझाइश देकर कराया विवाद शांत
मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पार्षद की शिकायत के आधार पर दोनों पक्षों से चर्चा की गई और समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है।
प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद मुक्तिधाम के उपयोग, अनुमति प्रक्रिया और संबंधित नियमों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में उपलब्ध तथ्यों और नियमों के आधार पर आगे क्या निर्णय लेता है।




