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कच्चा तेल सस्ता, फिर भी पेट्रोल-डीजल में राहत नहीं: जानिए कीमतों के पीछे क्या है पूरा गणित

 पेट्रोल-डीजल : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को पेट्रोल और डीजल के दाम में तत्काल राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है। ईरान पर अमेरिका के नए कड़े प्रतिबंधों के बाद वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ा है, जिस पर इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल विपणन कंपनियों की नजर बनी हुई है।कच्चे तेल की कीमत कम होने के बाद आम लोगों के बीच यह उम्मीद जरूर बढ़ी है कि पेट्रोल और डीजल सस्ता हो सकता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट का असर घरेलू खुदरा कीमतों पर तुरंत दिखाई देना जरूरी नहीं है।

कच्चा तेल घटने पर भी पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं हुआ सस्ता?

तेल की कीमतों में मौजूदा गिरावट के बावजूद घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के रेट कम होने की संभावना फिलहाल सीमित मानी जा रही है। इसकी एक बड़ी वजह पिछले महीनों के दौरान तेल बाजार में बनी अस्थिरता है।अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के समय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव था। ऐसे दौर में तेल कंपनियों ने खुदरा कीमतों में उतनी तेजी से बढ़ोतरी नहीं की, जिससे उपभोक्ताओं पर सीधा बोझ कम पड़ा। अब कंपनियां उस अवधि में पड़े वित्तीय दबाव और लागत की भरपाई पर भी ध्यान दे रही हैं।इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। ऐसे में सरकारी तेल कंपनियां कीमतों में जल्दबाजी से बदलाव करने के बजाय बाजार की आगे की स्थिति पर नजर रख सकती हैं।

25 मई के बाद से नहीं बदले ईंधन के दाम

देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लंबे समय से स्थिर बनी हुई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 25 मई के बाद ईंधन के खुदरा दाम में कोई नया बदलाव नहीं किया गया। उस समय पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी।

देश के प्रमुख शहरों में आज के पेट्रोल-डीजल रेट

शहरपेट्रोल प्रति लीटरडीजल प्रति लीटर
दिल्ली102.12 रुपये95.20 रुपये
मुंबई111.31 रुपये97.97 रुपये
कोलकाता113.51 रुपये99.82 रुपये
चेन्नई107.78 रुपये99.56 रुपये
हैदराबाद115.69 रुपये103.82 रुपये
पटना113.35 रुपये99.36 रुपये
जयपुर112.66 रुपये97.78 रुपये
भुवनेश्वर103.19 रुपये100.68 रुपये
बेंगलुरु110.82 रुपये98.77 रुपये

हर शहर में अलग क्यों होती है पेट्रोल-डीजल की कीमत?

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमत एक जैसी नहीं होती। इसकी सबसे बड़ी वजह केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले अलग-अलग कर हैं। राज्यों में टैक्स और अन्य शुल्कों की दर अलग होने के कारण एक ही ईंधन की कीमत शहर और राज्य के हिसाब से बदल जाती है।ईंधन की अंतिम कीमत तय होने में सिर्फ कच्चे तेल की कीमत ही महत्वपूर्ण नहीं होती। रिफाइनरी की लागत, ढुलाई, परिवहन खर्च, डीलर कमीशन और स्थानीय कर जैसे कई कारक भी इसमें शामिल होते हैं।100 रुपये के पेट्रोल में एक बड़ा हिस्सा विभिन्न करों और शुल्कों के रूप में जाता है। सामान्य तौर पर केंद्र और राज्य सरकारों के करों का कुल प्रभाव कीमत का लगभग 40 से 45 प्रतिशत तक हो सकता है, हालांकि यह स्थान और कर संरचना के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

आम लोगों को राहत कब मिल सकती है?

कच्चे तेल की कीमतों में लगातार और स्थायी गिरावट आने पर भविष्य में पेट्रोल और डीजल के रेट कम होने की संभावना बन सकती है। हालांकि इसका फैसला केवल अंतरराष्ट्रीय बाजार के एक-दो दिन के उतार-चढ़ाव पर निर्भर नहीं करता। तेल कंपनियों की लागत, पुराने वित्तीय दबाव, रुपये और डॉलर की विनिमय दर, टैक्स संरचना तथा वैश्विक परिस्थितियां भी अंतिम कीमतों को प्रभावित करती हैं।

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