प्रकाश विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह: मुख्य अतिथि श्री एस. आर. डेहरिया एव श्री एच के गुनावत ने विद्यार्थियों को कौशल विकास के साथ राष्ट्र निर्माण का दिया संदेश

दुर्जन सिंह
बचेली/(जिला दंतेवाडा) 15 अगस्त 2026। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रकाश विद्यालय में भव्य ध्वजारोहण समारोह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्री एस. आर. डेहरिया, उप महाप्रबंधक एवं विभाग प्रमुख (सिविल अभियंत्रिकी विभाग), BIOM बचेली तथा श्री एच. के. गुनावत, महाप्रबंधक (विद्युत) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके पश्चात अतिथियों ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन किया और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया
श्री डेहरिया ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थी ही विकसित भारत की वास्तविक नींव हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों के माध्यम से ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।

उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, ईमानदारी से परिश्रम करने तथा माता-पिता एवं शिक्षकों का सम्मान करने की प्रेरणा दी।
पढ़ाई के साथ कौशल विकास पर विशेष बल
श्री डेहरिया ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि प्रत्येक विद्यार्थी को अपनी शैक्षणिक पढ़ाई के साथ-साथ कम से कम एक विशेष कौशल अवश्य विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह कौशल संगीत, नृत्य, चित्रकला, लेखन, खेल, गायन, एंकरिंग, अभिनय या किसी भी रचनात्मक क्षेत्र से संबंधित हो सकता है।
उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास और रुचि के साथ विकसित किया गया कौशल न केवल आत्मविश्वास बढ़ाता है, बल्कि व्यक्ति को एक विशिष्ट पहचान भी प्रदान करता है। उचित समय प्रबंधन के माध्यम से विद्यार्थी पढ़ाई और कौशल विकास दोनों में संतुलन स्थापित कर सकते हैं।
श्री एस. आर. डेहरिया ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि एक वरिष्ठ प्रशासनिक पद पर कार्यरत होने के बावजूद वे संगीत के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। उन्होंने कहा कि संगीत निर्देशन और गीत लेखन के माध्यम से उन्होंने अपनी रचनात्मक अभिरुचि को निरंतर आगे बढ़ाया है, जो इस बात का उदाहरण है कि पेशेवर जिम्मेदारियों के साथ भी जुनून को जीवित रखा जा सकता है।
जिम्मेदार और मूल्य-आधारित युवा की आवश्यकता
श्री एच के गुनावत ने कहा कि देश को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो शिक्षित, अनुशासित, जागरूक और जिम्मेदार हों। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और मूल्य-आधारित नागरिक का निर्माण होना चाहिए।
माता-पिता और शिक्षकों के सम्मान पर जोर
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान चरित्र निर्माण की आधारशिला है। ज्ञान और संस्कार का संतुलन ही एक सशक्त नागरिक तैयार करता है, जो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
NMDC की प्रतिबद्धता
श्री डेहरिया ने NMDC की ओर से विद्यालय एवं समुदाय के विकास के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि एनएमडीसी बच्चों के लिए बेहतर आधारभूत संरचना, सुविधाएं तथा सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना केवल विद्यालय की नहीं, बल्कि समाज के सभी हितधारकों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों ने सभी से आह्वान किया कि स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर हम एक ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प लें जो अधिक मजबूत, स्वच्छ, शिक्षित और समृद्ध हो।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे ईमानदारी, अनुशासन, परिश्रम, संस्कार और देशभक्ति को अपने जीवन का हिस्सा बनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दें।
अतिथियों ने विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी तथा विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, अपनी प्रतिभा को पहचानने और निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
“आज के जागरूक, शिक्षित और मूल्य-आधारित विद्यार्थी ही कल के मजबूत, स्वच्छ, शिक्षित और समृद्ध भारत की नींव हैं।”




