एयरपोर्ट पर डीआरआई की बड़ी कार्रवाई, 11.25 करोड़ की कोकीन जब्त, 4 विदेशी नागरिक गिरफ्तार

मुंबई : छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर राजस्व खुफिया निदेशालय यानी डीआरआई ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की कोकीन जब्त की है। पिछले चार दिनों के भीतर चलाए गए विशेष ऑपरेशन में 2.25 किलोग्राम कोकीन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 11.25 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
इस मामले में चार विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियां अब इस अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क के भारत में मौजूद कनेक्शन तलाशने में जुट गई हैं।
शरीर के अंदर छिपाकर लाई जा रही थी कोकीन
डीआरआई अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से कोकीन की तस्करी करने की कोशिश की। सभी विदेशी नागरिकों ने अपने शरीर के अंदर कोकीन से भरे कैप्सूल छिपा रखे थे।
शुक्रवार को अदीस अबाबा से मुंबई पहुंचे एक पुरुष और एक महिला यात्री को शक के आधार पर रोका गया। पूछताछ के दौरान दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कोकीन वाले कैप्सूल निगल रखे हैं।
इसके बाद दोनों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मेडिकल निगरानी में उनके शरीर से कुल 84 कैप्सूल निकाले गए। इन कैप्सूल में करीब 1.40 किलोग्राम कोकीन बरामद हुई।
पहले भी पकड़े गए थे दो विदेशी तस्कर
डीआरआई ने बताया कि इससे पहले मंगलवार को भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी। उस दौरान अदीस अबाबा से आए एक अफ्रीकी पुरुष और एक महिला को हिरासत में लिया गया था।
जांच के दौरान उनके शरीर से कुल 63 कैप्सूल बरामद किए गए, जिनमें करीब 850 ग्राम कोकीन छिपाई गई थी। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 4.25 करोड़ रुपये बताई गई।
अब ड्रग्स नेटवर्क के बड़े चेहरों की तलाश
दोनों मामलों को मिलाकर कुल 2.25 किलोग्राम कोकीन जब्त की गई है। डीआरआई अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इस ड्रग्स सिंडिकेट के तार भारत में किन लोगों से जुड़े हुए हैं।
अधिकारियों का मानना है कि यह किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट का हिस्सा हो सकता है। जांच एजेंसियां एयरपोर्ट नेटवर्क, संपर्क सूत्रों और फाइनेंशियल लिंक की भी पड़ताल कर रही हैं।
मुंबई एयरपोर्ट बना ड्रग्स तस्करों के निशाने पर
लगातार सामने आ रहे मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। खासतौर पर विदेशी रूट्स के जरिए शरीर के अंदर कैप्सूल छिपाकर ड्रग्स लाने के तरीके को बेहद खतरनाक माना जा रहा है। डीआरआई और अन्य एजेंसियां अब अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जांच को और सख्त करने की तैयारी में हैं।



