धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब में बढ़ी सियासी हलचल, पेपर लीक मुद्दे पर आप सरकार को घेरने में जुटा विपक्ष

दिल्ली : जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले प्रदर्शन के बाद पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के 25 जुलाई को इस्तीफा देने के बाद पंजाब की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस घटनाक्रम को आधार बनाकर आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार पर हमला तेज कर दिया है।कांग्रेस, बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल का कहना है कि जब परीक्षा विवादों को लेकर केंद्र में नैतिक जिम्मेदारी तय हो सकती है, तो पंजाब में सामने आए कथित पेपर लीक मामलों पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।
हरजोत सिंह बैंस और बलबीर सिंह विपक्ष के निशाने पर
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब में सबसे ज्यादा दबाव शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह पर बनाया जा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि पंजाब में भर्ती परीक्षाओं और बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े कई विवाद सामने आए, लेकिन सरकार की ओर से समय पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई।विपक्षी नेताओं का कहना है कि यदि परीक्षा व्यवस्था में खामियों को लेकर केंद्र में मंत्री को पद छोड़ना पड़ा, तो पंजाब में भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और संबंधित मंत्रियों को नैतिक आधार पर फैसला लेना चाहिए।
कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में कई परीक्षाओं में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आईं, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को परेशानी उठानी पड़ी।कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से हल करने के बजाय विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश की। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार जवाबदेही तय नहीं करती है तो राज्यभर में आंदोलन किया जाएगा।
बीजेपी ने केजरीवाल की नीति पर उठाए सवाल
भारतीय जनता पार्टी ने भी इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि आप नेता केंद्र सरकार के खिलाफ शिक्षा और परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर लगातार सवाल उठाते हैं, लेकिन पंजाब में ऐसे ही आरोप सामने आने पर चुप नजर आते हैं।बीजेपी का कहना है कि यदि आम आदमी पार्टी दूसरे राज्यों में नैतिक जिम्मेदारी की बात करती है, तो उसे अपने शासन वाले पंजाब में भी वही मापदंड अपनाने चाहिए।
अकाली दल ने बताया युवाओं के भरोसे का सवाल
शिरोमणि अकाली दल ने भी पंजाब सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि लगातार परीक्षा विवादों से युवाओं का सरकारी भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर हुआ है।अकाली दल का कहना है कि सरकार को केवल राजनीतिक बयानबाजी के बजाय परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और दोषियों पर कार्रवाई करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
चुनाव से पहले बड़ा मुद्दा बन सकता है पेपर लीक विवाद
पंजाब में विधानसभा चुनाव को देखते हुए पेपर लीक का मुद्दा आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक हथियार बन सकता है। विपक्ष इसे सरकार की जवाबदेही, प्रशासनिक क्षमता और युवाओं के भविष्य से जोड़कर जनता के बीच ले जाने की तैयारी कर रहा है।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आम आदमी पार्टी सरकार पर बढ़े राजनीतिक दबाव के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि भगवंत मान सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है।



