छत्तीसगढ़

रायपुर : अफीम-गांजा की खेती पर बढ़ेगी निगरानी

रायपुर, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। कलेक्टर ने अधिकारियों को अफीम, गांजा, तंबाकू सहित अन्य मादक पदार्थों की अवैध खेती पर विशेष नजर रखने तथा एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त वाहनों की राजसात और नीलामी की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। 

    कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय समिति (एनसीओआरडी) की बैठक में कलेक्टर ने मादक पदार्थों की अवैध खेती, तस्करी, नशा मुक्ति और प्रवर्तन संबंधी गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने राजस्व, वन और पुलिस विभाग के अधिकारियों से कहा कि मैदानी अमले को अफीम, गांजा और अन्य प्रतिबंधित फसलों की पहचान संबंधी जानकारी एवं तस्वीरें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि अवैध खेती की समय रहते पहचान कर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। बैठक में एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत जब्त वाहनों के लंबित प्रकरणों की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को राजसात और नीलामी की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा सभी मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
    नशा मुक्ति और पुनर्वास सेवाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने पुनर्वास केंद्रों की क्षमता बढ़ाने, आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और अधिक से अधिक प्रभावित लोगों तक उपचार एवं परामर्श सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया। औषधि नियंत्रण विभाग को लाइसेंस प्राप्त मेडिकल दुकानों एवं संस्थानों में नियंत्रित दवाओं के स्टॉक का नियमित भौतिक सत्यापन करने तथा किसी भी अनियमितता पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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