व्यापार

पुराने गहनों की बिक्री में रिकॉर्ड तेजी, ऊंचे दाम का फायदा उठाकर नकद जुटा रहे लोग

नई दिल्ली। देशभर में इन दिनों पुराने सोने और आभूषणों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। ऊंची कीमतों का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने पुराने गहने बेचकर नकद राशि हासिल कर रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने के भाव अपने उच्च स्तर के करीब पहुंच चुके हैं और आगे इनमें गिरावट आ सकती है। इसी संभावना को देखते हुए लोग समय रहते मुनाफा सुरक्षित करना चाहते हैं।

कीमतों में गिरावट की आशंका बनी बड़ी वजह

इस वर्ष सोने की कीमतें लगभग 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थीं। बाद में इनमें गिरावट दर्ज हुई और भाव करीब 1.40 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ गए। बाजार के जानकारों का अनुमान है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां बदलीं तो कीमतें 1.20 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक भी आ सकती हैं। इसी वजह से निवेशक और आम उपभोक्ता दोनों पुराने गहनों की बिक्री में रुचि दिखा रहे हैं।

नए गहने नहीं, सीधे नकद लेना पसंद कर रहे ग्राहक

इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, पहले लोग पुराने आभूषण देकर नए गहने खरीदना पसंद करते थे, लेकिन अब रुझान बदल गया है। अधिकांश ग्राहक पुराने सोने को बेचकर सीधे नकद राशि लेना बेहतर विकल्प मान रहे हैं।

तीन महीने में 50 टन पुराना सोना बाजार में आया

अप्रैल से जून की तिमाही के दौरान भारतीयों ने करीब 50 टन पुराने सोने की बिक्री की। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 43 प्रतिशत अधिक है। इससे स्पष्ट है कि ऊंची कीमतों का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने पुराने आभूषण बेच रहे हैं।

रीसाइक्लिंग से घटेगी आयात पर निर्भरता

भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना विदेशों से आयात करता है। वित्तीय वर्ष 2026 में देश ने करीब 72.4 अरब डॉलर मूल्य का सोना आयात किया। ऐसे में घरेलू बाजार में पुराने सोने की उपलब्धता बढ़ने से आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि वर्ष 2025 में 125 से 150 टन के बीच रहे रीसाइक्लिंग गोल्ड का आंकड़ा 2026 में बढ़कर 200 से 250 टन तक पहुंच सकता है।

पुराना सोना खरीदने वाली कंपनियों को भी बड़ा फायदा

पुराने आभूषण खरीदने और उन्हें शुद्ध सोने में बदलने वाली कंपनियों के कारोबार में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। ‘मुथूट एक्जिम’ और ‘ऑगमॉन्ट’ जैसी कंपनियों के पास बड़ी मात्रा में पुराना सोना पहुंच रहा है। बताया जा रहा है कि मुथूट एक्जिम के संग्रह में करीब 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। ये कंपनियां खरीदे गए सोने को शुद्ध कर 24 कैरेट गोल्ड में बदलने के बाद ज्वैलरी उद्योग को उपलब्ध कराती हैं।

भारतीय घरों में मौजूद है दुनिया का सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार

अनुमान के मुताबिक भारतीय परिवारों के पास लगभग 30 हजार टन सोना सुरक्षित रखा हुआ है, जो दुनिया में सबसे बड़ा घरेलू स्वर्ण भंडार माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस सोने का बड़ा हिस्सा बाजार में आता है तो देश का आयात बिल घटेगा और अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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