अपनी मेहनत और काबिलियत से मिसाल कायम की…श्रद्धा हरिहरनो बनी मिस दुर्ग, बेटियों के लिए प्रेरणा बनी स्त्रोत

00 दुर्ग मिरर फैशन वीक 3.0 की बनी विजेता
00 संस्कारधानी राजनांदगांव का नाम रौशन किया
खैरागढ़/राजनांदगांव. संस्कारधानी राजनांदगांव निवासी श्रद्धा हरिहरनो मिस दुर्ग चुनी गई है जो एक बड़ी उपलब्धि है. गौरतलब है कि अपनी मेहनत और काबिलियत से मिसाल कायम करते हुये श्रद्धा हरिहरनो विगत दिनों
दुर्ग मिरर फैशन वीक 3.0 की विजेता बनकर बड़ी सफलता अर्जित की और नई पीढ़ी की बेटियों के लिये वो एक प्रेरणा स्त्रोत बनी है. पाठकों को बता दें कि श्रद्धा हरिहरनो नंदई चौक राजनांदगांव के निवासी धनंजय हरिहरनो और ज्योति हरिहरनो की बेटी है और उन्होंने विगत दिनों दुर्ग में मिरर फैशन एकेडमिक के संचालक आशीष चंद्राकर व परी चंद्राकर द्वारा आयोजित दुर्ग मिरर फैशन वीक 3.0 प्रतियोगिता में दर्जनों प्रतिभागियों को पछाड़ते हुये मिस दुर्ग का खिताब जीतकर अपने मां-पिता व पूरे संस्कारधानी राजनांदगांव का नाम रौशन किया जो बहुत ही गर्व की बात है. खास बात ये है कि मिस दुर्ग चुनी गई श्रद्धा हरिहरनो एक होनहार युवती है और इसके पूर्व में वो बीते वर्ष 2025 में राजनांदगांव में आयोजित मॉडलिंग शो प्रिंस और प्रिंसेस में फर्स्ट रनर-अप भी रह चुकी है और अब उन्होंने दुर्ग मिरर फैशन वीक 3.0 की विजेता बनकर मिस दुर्ग का बड़ा खिताब अपने नाम किया है. बहुत ही कम उम्र में बड़ी कामयाबी हासिल करने वाली होनहार युवती मिस दुर्ग श्रद्धा हरिहरनो ने अपनी इस बड़ी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है और बड़ी उपलब्धि हासिल कर रही है.

सपने को पूरा करने पूरी ईमानदारी व शिद्दत से मेहनत करें और अपनी कमियों से कभी भी न डरें- श्रद्धा हरिहरनो
श्रद्धा ने सभी महिलाओं और अपने समकालीन नई पीढ़ी की बेटियों से कहा कि अपने सपने को पूरा करने पूरी ईमानदारी और शिद्दत से मेहनत करें और अपनी कमियों से कभी भी न डरें बल्कि लगातार खुद को बेहतर बनाने का प्रयास करें और सेल्फ ग्रमिंग, एक्सरसाइज और शिक्षा पर विशेष ध्यान दें वही जो मां पिता हम पर भरोसा करते है उसे बिल्कुल न तोड़े बल्कि उनकी उम्मीदों और विश्वास पर खरा उतरने का श्रेष्ठ प्रयास करें. उन्होंने कहा कि जो चीज आपको नहीं आती, उसे जरूर सीखें क्योंकि कड़ी मेहनत और आपके अंदर छिपी प्रतिभा के निखरने से ही आपकी वास्तविक पहचान बनती है. श्रद्धा हरिहरनो ने कहा कि वो अब आगे अपने बेहतर भविष्य के लिये कड़ी मेहनत करने के साथ ही समाज सेवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये अच्छे काम कर एक मिसाल कायम करना चाहती है और जीवन में सफल होकर अपने मां व पिता का देखा हर जरूरी सपना भी पूरा करना उनका लक्ष्य है. उनकी इस बड़ी सफलता में उनकी आत्म निर्भर मां ज्योति हरिहरनो की भी बड़ी भूमिका है जो वर्तमान में नगर के प्रतिष्ठित संस्थान बचपन प्ले स्कूल की ऑफिस इंचार्ज भी है जो खुद अपनी सादगी और मेहनत के साथ बेहतर कार्यों के लिये स्कूल में लोकप्रिय है वही उनके पिता भी सरल होने के साथ एक सफल व्यवसायी है. गौरतलब है कि 17 वर्ष की अल्प आयु में सबसे कम उम्र की मिस दुर्ग बनने का रिकॉर्ड बनाने वाली श्रद्धा हरिहरनो अभी कक्षा 12वीं वाणिज्य में अध्ययन कर रही है और उनका सपना समाजसेवा करने के साथ-साथ एक सफल मॉडल बनना है.




