रैली के बीच अचानक बिगड़े हालात…फिर जो हुआ उसके बाद अस्पताल पहुंचे पुलिस कमिश्नर

रायपुर : भाजपा की कांग्रेस भवन घेराव रैली के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शन के बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। घटना में ड्यूटी पर तैनात कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को संभालने के लिए पुलिस को विशेष कदम उठाने पड़े।
भीड़ को रोकने के दौरान बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार भाजपा की विरोध रैली के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कांग्रेस भवन के आसपास बैरिकेडिंग कर सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। इसी बीच कांग्रेस भवन की ओर से कुछ कार्यकर्ताओं के बैरिकेडिंग के पास पहुंचने और नारेबाजी करने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई।पुलिस का आरोप है कि इस दौरान बैरिकेडिंग के पीछे से पत्थर और कांच की बोतलें फेंकी गईं, जिससे मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया।
16 पुलिसकर्मी घायल, दो की हालत गंभीर
घटना में ड्यूटी पर तैनात 16 पुलिसकर्मी घायल हुए। घायलों में एक महिला आरक्षक सहित दो जवानों को गंभीर चोटें आईं। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे पुलिस कमिश्नर
घटना की जानकारी मिलते ही रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला अस्पताल पहुंचे, जहां भर्ती पुलिसकर्मियों का हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों से सभी घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही घायल जवानों का हौसला बढ़ाते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
घायल जवानों ने बताई आपबीती
घायल पुलिसकर्मी कलेश्वर वर्मा ने बताया कि बैरिकेडिंग के दौरान भीड़ के बीच फंस जाने से उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
वहीं प्रशिक्षु उप निरीक्षक देवराज सिंह के सिर पर बोतल लगने से गंभीर चोट आई। उनका इलाज चिकित्सकों की निगरानी में जारी है।
कई जवानों को उपचार के बाद मिली छुट्टी
अन्य घायल आरक्षकों को प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। घटना के दौरान पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी लगातार स्थिति की निगरानी करते रहे और सुरक्षा व्यवस्था संभालने में जुटे रहे।
घटनाक्रम की जांच जारी
पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।




