छत्तीसगढ़

बचेली में हाईटेक काॅलोनी में शिव महापुराण कथा का आध्यात्मिक प्रवाह जारी, जालंधर वध और तुलसी-शालिग्राम महात्म्य की कथा ने भक्तों को किया भाव-विभोर

नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पूजा समिति एवं समस्त महिला मंडली के तत्वावधान में चल रही कथा में प्रतिदिन उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, 30 जून को होगा शिव नाम महिमा एवं रुद्राक्ष महात्म्य का वर्णन,
1 जुलाई को पूर्णाहुति हवन व भंडारे के साथ होगा समापन।

दुर्जन सिंह

बचेली : वार्ड क्रमांक 12 स्थित हाईटेक कॉलोनी (हाईटेक-2) बाल उद्यान के पास दुर्गा मंडप में नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पूजा समिति एवं समस्त महिला मंडली, बचेली के तत्वावधान में आयोजित श्री श्री शिव महापुराण कथा इन दिनों श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच जारी है। कथा का वाचन कथावाचक गायत्री शर्मा द्वारा किया जा रहा है, जिनके मुखारविंद से श्रद्धालु भगवान शिव की दिव्य लीलाओं का रसपान कर रहे हैं।


सोमवार, 29 जून को कथा के दौरान जालंधर वध, शंखचूड़ की कथा, तुलसी एवं शालिग्राम शिला के महात्म्य का अत्यंत रोचक एवं प्रेरणादायी वर्णन किया गया। कथावाचक गायत्री शर्मा ने बताया कि धर्म, श्रद्धा और भक्ति के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति जीवन में आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ सुख-समृद्धि भी प्राप्त करता है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से शिव नाम का संकीर्तन किया तथा भगवान भोलेनाथ के जयघोष से पूरा परिसर शिवमय हो उठा।

कथा महोत्सव का शुभारंभ 24 जून को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इसके पश्चात पहले दिन शिव पुराण की महिमा, कल्याण प्राप्ति के उपाय तथा चंचुला प्रसंग का वर्णन किया गया। 25 जून को लिंग पूजन का महत्व, शिव पूजा के अनंत फल, नारद मोह तथा भगवान विष्णु द्वारा नारदजी को शिव उपासना का उपदेश सुनाया गया। 26 जून को भगवान शिव के रुद्रावतार, सती जी का जन्म और शिव-सती विवाह की कथा का भावपूर्ण वर्णन हुआ। वहीं 27 जून को सती मोह, दक्ष यज्ञ, सती का शरीर त्याग और शिव-पार्वती विवाह की दिव्य कथा ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। 28 जून को कुमार कार्तिकेय जन्म, तारकासुर वध, भगवान गणेश के जन्म तथा गणेश विवाह का प्रसंग सुनाया गया।


आयोजन समिति के अनुसार 30 जून, मंगलवार को शिव नाम की महिमा, पंचाक्षर मंत्र, रुद्राक्ष महिमा तथा कथा विश्राम का कार्यक्रम आयोजित होगा। वहीं 1 जुलाई, बुधवार प्रातः 9 बजे पूर्णाहुति हवन एवं विशाल भंडारे के साथ शिव महापुराण कथा का विधिवत समापन किया जाएगा।

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