आज आदिवासी समाज का बड़ा आंदोलन, पाटेश्वर धाम को लेकर प्रदर्शन, जिले में हाई अलर्ट और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

बालोद : आज आदिवासी समाज के प्रस्तावित बड़े आंदोलन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। पाटेश्वर धाम को कथित अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग को लेकर हजारों की संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग प्रदर्शन करने वाले हैं। संभावित स्थिति को देखते हुए पूरे जिले में सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत कर दी गई है।
पाटेश्वर धाम को लेकर आंदोलन, प्रशासन से कार्रवाई की मांग तेज
आदिवासी संगठनों का कहना है कि पाटेश्वर धाम से कथित अतिक्रमण हटाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। उनका दावा है कि प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई के लिए 20 जून तक का समय मांगा था। तय समय सीमा पूरी होने के बाद समाज ने इसी दिन व्यापक आंदोलन और निर्णायक प्रदर्शन का ऐलान किया है।
तुएंगोंदी बना आंदोलन का केंद्र, हजारों लोगों के जुटने की संभावना
प्रस्तावित प्रदर्शन तुएंगोंदी क्षेत्र में आयोजित किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोगों के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन को आशंका है कि भीड़ काफी बड़ी हो सकती है, इसलिए पहले से ही सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
3000 से अधिक पुलिस जवान तैनात, संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए जिलेभर में 3000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। जामड़ीपाट सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल मौजूद हैं। इसके अलावा जिले की सीमाओं पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
20 गांवों में विशेष सतर्कता, सीमाएं सील कर प्रशासन रख रहा हर गतिविधि पर नजर
प्रशासन ने बालोद जिले से लगे प्रमुख मार्गों और सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। आसपास के करीब 20 गांवों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात की समीक्षा कर रहे हैं और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर प्रशासन की अपील, हर परिस्थिति से निपटने की तैयारी
जिला प्रशासन ने प्रदर्शन में शामिल लोगों से शांति और कानून का पालन करने की अपील की है। वहीं सुरक्षा एजेंसियों को किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रखा गया है, ताकि जिले में शांति और व्यवस्था बनी रहे।




