आज से 7 दिन बंद रहेंगी 28 हजार राशन दुकानें, जानिए विक्रेताओं की 5 सूत्रीय मांगें

मध्य प्रदेश : राशन विक्रेता संघ ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर 1 अक्टूबर से हड़ताल शुरू कर दी है। इसके चलते इंदौर समेत पूरे प्रदेश में करीब 28 हजार उचित मूल्य की राशन दुकानें 1 से 7 अक्टूबर तक बंद रहेंगी। राशन विक्रेताओं ने मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाने की चेतावनी भी दी है।
कमीशन बढ़ाकर 200 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग
राशन विक्रेता संघ की प्रमुख मांग खाद्यान्न वितरण पर मिलने वाले कमीशन को बढ़ाने की है। विक्रेताओं के मुताबिक वर्तमान में 90 रुपये प्रति क्विंटल कमीशन मिलता है, जिसे बढ़ाकर 200 रुपये प्रति क्विंटल किया जाना चाहिए।इसके अलावा राशन दुकानदारों के लिए हर महीने 40 हजार रुपये की न्यूनतम आय सुनिश्चित करने की मांग भी संघ की ओर से रखी गई है।
तौल और परिवहन में होने वाले नुकसान पर भी राहत मांगी
राशन विक्रेताओं ने खाद्यान्न की तौल और परिवहन के दौरान होने वाले नुकसान को लेकर भी व्यवस्था में बदलाव की मांग की है। संघ चाहता है कि प्रति क्विंटल एक किलो तक शॉर्टेज की छूट दी जाए।विक्रेताओं का कहना है कि इस व्यवस्था से वितरण के दौरान होने वाली व्यावहारिक दिक्कतों का समाधान हो सकेगा।
कमीशन का भुगतान हर महीने 5 तारीख तक करने की मांग
राशन विक्रेताओं की एक अन्य प्रमुख मांग कमीशन के समय पर भुगतान को लेकर है। संघ का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में कमीशन मिलने में कई बार 3 से 4 महीने तक की देरी हो जाती है। विक्रेता चाहते हैं कि हर महीने की 5 तारीख तक कमीशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
दूसरे राज्यों का दिया जा रहा उदाहरण
राशन विक्रेता संघ का दावा है कि मध्य प्रदेश की तुलना में बिहार, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में राशन विक्रेताओं को अधिक कमीशन दिया जाता है। संघ के मुताबिक इन राज्यों में कमीशन 200 रुपये या उससे अधिक है।विक्रेताओं का कहना है कि जुलाई-अगस्त में भी कमीशन बढ़ाने की मांग सरकार के सामने रखी गई थी, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस पहल नहीं हुई।
कलेक्टरों को सौंपा था ज्ञापन
हड़ताल से पहले राशन विक्रेताओं ने अपनी मांगों को लेकर अलग-अलग जिलों में प्रशासन को ज्ञापन सौंपे थे। 28 सितंबर को विक्रेताओं ने कलेक्टरों के माध्यम से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाई। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के सामने भी अपनी मांगें रखीं।फिलहाल 1 से 7 अक्टूबर तक दुकानों के बंद रहने से उचित मूल्य की दुकानों से राशन लेने वाले उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अगर मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो संघ ने हड़ताल आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।




