धीरेंद्र शास्त्री की अपील, बहन-बेटियां दुर्गा-काली जैसी शक्तिशाली बनें, IAS-IPS बनकर आगे बढ़ें

छतरपुर। सनातन हिंदू एकता यात्रा के समापन कार्यक्रम में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने महिलाओं के बुर्का पहनने को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बहन-बेटियों को दुर्गा और काली जैसी शक्तिशाली बनना चाहिए। साथ ही, उन्होंने महिलाओं को शिक्षा और करियर के क्षेत्र में आगे बढ़कर आईएएस और आईपीएस अधिकारी बनने के लिए भी प्रेरित किया।
महिला सशक्तीकरण पर दिया जोर
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि सनातन हिंदू एकता यात्रा का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनने और समाज में अपनी भूमिका मजबूत करने के लिए प्रेरित करना भी था। उन्होंने महिलाओं से अपनी क्षमता पहचानने और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।
पांच जिलों में लगभग 500 किलोमीटर का सफर
पांच दिनों तक चली सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा ने बुंदेलखंड के पांच जिलों में करीब 500 किलोमीटर की दूरी तय की। गुरुवार को छतरपुर में यात्रा का समापन हुआ। इस दौरान अलग-अलग पड़ावों पर सामाजिक एकता, नशामुक्ति और आपसी भेदभाव दूर करने जैसे विषयों पर लोगों को जागरूक किया गया।
अपने घर और क्षेत्र से करें जागरूकता की शुरुआत
यात्रा के समापन पर शास्त्री ने हिंदू समुदाय में एकजुटता बढ़ाने और बुंदेलखंड को नशामुक्त बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि समाज में व्यापक बदलाव लाने के लिए पहले अपने घर और आसपास के क्षेत्र में जागरूकता फैलानी चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने यात्रा में भाग लेने वाले लोगों और आयोजन में सहयोग करने वालों का आभार व्यक्त किया।



