सोना खरीदने वालों के लिए खुली राहत की खिड़की, खरीदारी से पहले जान लें आज के भाव और गिरावट की वजह

सोने की खरीदारी का इंतजार कर रहे लोगों के लिए सप्ताह की शुरुआत कुछ राहत लेकर आई है। घरेलू बाजार में सोने के दाम नीचे आए। 24 कैरेट के साथ 22 कैरेट और 18 कैरेट गोल्ड की कीमतों में भी कमजोरी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव बना रहा।
सोने की कीमतों में इस गिरावट के पीछे अमेरिका से आए मजबूत रोजगार आंकड़े अहम माने जा रहे हैं। बेहतर रोजगार आंकड़ों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर भरोसा बढ़ाया है, जिसके बाद ब्याज दरों की दिशा को लेकर बाजार की उम्मीदें बदली हैं। इसका असर सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्ति पर दिखाई दिया।
24 कैरेट सोना 650 रुपये तक सस्ता
एक राष्ट्रीय रिटेल प्राइस ट्रैकर के अनुसार सोमवार सुबह 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1,54,150 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। इससे एक दिन पहले कीमत लगभग 1,54,800 रुपये थी। यानी 24 कैरेट गोल्ड के भाव में करीब 650 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई।
इसी तरह 22 कैरेट सोना करीब 1,41,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि पिछले दिन इसका भाव लगभग 1,41,900 रुपये था। इस तरह 22 कैरेट गोल्ड भी करीब 600 रुपये प्रति 10 ग्राम नीचे आया।
दिल्ली समेत बड़े शहरों में अलग-अलग भाव
सोने की खुदरा कीमत शहर और ज्वेलर के अनुसार बदल सकती है। सोमवार को दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव करीब 1,54,950 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,42,050 रुपये प्रति 10 ग्राम बताया गया।
मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट गोल्ड करीब 1,54,800 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। वहीं चेन्नई में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,56,670 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया।
सोने की कीमत क्यों फिसली
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों का असर
अमेरिका से आए मजबूत रोजगार आंकड़ों ने बाजार का ध्यान अर्थव्यवस्था की मजबूती की ओर खींचा। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की धारणा में बदलाव आया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को स्पॉट गोल्ड करीब 0.8 फीसदी नीचे आया।
ब्याज दरों की उम्मीद ने बदला निवेश का रुख
सोना नियमित ब्याज या डिविडेंड नहीं देता। इसलिए जब ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना मजबूत होती है, तो निवेशकों के लिए बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाले विकल्प अपेक्षाकृत आकर्षक हो जाते हैं।
मजबूत आर्थिक आंकड़ों के बाद अमेरिका में फेडरल रिजर्व की आगामी नीति को लेकर दरों में बदलाव की संभावना पर बाजार का ध्यान गया। इसका असर सोने की मांग और कीमत दोनों पर पड़ा।
बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भी सोने पर दबाव
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद बॉन्ड यील्ड में भी मजबूती देखने को मिली। बॉन्ड से मिलने वाला संभावित रिटर्न बढ़ने पर गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों की तुलना में सोने का आकर्षण कुछ कम हो सकता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड पर बिकवाली का दबाव बढ़ा।
हालांकि तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है। भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें आगे भी सोने को सहारा दे सकती हैं। इसलिए आने वाले दिनों में गोल्ड के भाव में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
ज्वेलरी खरीदते समय सिर्फ सोने का भाव न देखें
अगर शादी या त्योहार के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं तो केवल 10 ग्राम के बाजार भाव को देखकर खरीदारी का फैसला न करें। ज्वेलरी की अंतिम कीमत में मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अन्य शुल्क शामिल हो सकते हैं।
खरीदारी से पहले ज्वेलर से कुल लागत की स्पष्ट जानकारी लें। साथ ही सोने की शुद्धता और हॉलमार्क की जांच जरूर करें।
सोने की कीमत केवल घरेलू मांग से तय नहीं होती। अंतरराष्ट्रीय गोल्ड प्राइस, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, अमेरिकी ब्याज दरें, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाएं इसके भाव को प्रभावित करती हैं। इसलिए आज की गिरावट आगे भी बनी रहेगी, यह मानकर चलना सही नहीं होगा।


