सोने-चांदी के कारोबार में होने वाला है बड़ा बदलाव! GST छूट खत्म करने की तैयारी, जानें ग्राहकों और कारोबारियों पर क्या पड़ेगा असर

सोने और चांदी की खरीद-बिक्री से जुड़े कारोबार में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। GST काउंसिल की आगामी बैठक में बैंकों और अधिकृत एजेंसियों की ओर से आयात किए जाने वाले सोने, चांदी और प्लैटिनम पर मिलने वाली Integrated GST यानी IGST छूट को खत्म करने के प्रस्ताव पर विचार होने की संभावना है।
क्या खत्म हो सकती है GST की खास छूट
मौजूदा व्यवस्था में बैंकों और नामित एजेंसियों को कीमती धातुओं के आयात पर कुछ मामलों में IGST छूट मिलती है। अब इस व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव सामने आया है। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो आयात के स्तर पर टैक्स व्यवस्था बदल सकती है और इसका असर सोने-चांदी के कारोबार से जुड़े पूरे सप्लाई चेन पर देखने को मिल सकता है।
सोने-चांदी की कीमतों पर क्या हो सकता है असर
टैक्स में किसी भी बदलाव का असर सीधे तौर पर आयात लागत पर पड़ सकता है। ऐसे में कारोबारियों की लागत बढ़ने की स्थिति में इसका कुछ हिस्सा आगे ग्राहकों तक पहुंच सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सोने और चांदी के खुदरा दाम तुरंत और निश्चित तौर पर इतनी ही मात्रा में बढ़ जाएंगे। अंतिम कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार, मुद्रा विनिमय दर, घरेलू मांग और अन्य लागत का भी असर रहता है।
GST काउंसिल की बैठक में होगा फैसला
इस प्रस्ताव पर GST काउंसिल की बैठक में चर्चा होने की उम्मीद है। रिपोर्टों के मुताबिक बैठक में सोने, चांदी और प्लैटिनम के आयात से जुड़ी IGST छूट की समीक्षा भी एजेंडे में शामिल हो सकती है। फिलहाल इसे प्रस्तावित बदलाव के तौर पर ही देखा जा रहा है, अंतिम फैसला काउंसिल की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
ग्राहकों के लिए क्यों है यह खबर अहम
त्योहारी और शादी के सीजन में सोने-चांदी की मांग बढ़ती है। ऐसे समय में आयात और टैक्स से जुड़े किसी भी बदलाव का असर बाजार की कीमतों और खरीदारी की लागत पर पड़ सकता है। इसलिए अगर आप आने वाले दिनों में सोना या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो इस प्रस्ताव पर होने वाले फैसले और उसके बाद बाजार की प्रतिक्रिया पर नजर रखना जरूरी होगा।



